(डिजाइन फोटो)
सिंधुदुर्ग: महाराष्ट्र में चुनाव होने है। नामांकन दाखिल हो चुके है। अब प्रत्याशियों अपनी-अपनी जीत को सुनिश्चत करने के लिए जनता के दरबार पहुंचना शुरू कर दिया है। 20 नवंबर को सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। 23 नवंबर को नतीजों का दिन होगा। सभी अपने-अपने हिस्से की तैयारियों में जुटे है। ऐसे में हम भी अपने हिस्से की तैयारी कर रहे है और आप तक एक-एक कर राज्य की सभी 288 विधानसभा सीटों की जानकारी पहुंचा रहे है।
महाराष्ट्र में पिछले साल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने राज्य के सियासी समीकरणों को बदल कर रख दिया है। शिवसेना और एससीपी में विभाजन के बाद दाेनों प्रमुख गठबंधनों में तीन-तीन बड़े दल शामिल है। राज्य की कई सीटें ऐसी है जिस पर 2024 के विधानसभा चुनाव में एक ही पार्टी के दाेनों गुटों में मुकाबला होगा। आज हम ऐसी ही एक सीट का विश्लेषण करेंगे जिसका नाम है सावंतवाड़ी।
इस विश्लेषण की कड़ी में आज बारी है सिंधुदुर्ग जिले की सावंतवाड़ी विधानसभा सीट की। सावंतवाड़ी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सिंधुदुर्ग जिले में स्थित तीन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। इसमें जिले की वेंगुर्ला, सावंतवाड़ी और डोडामार्ग तहसीलें शामिल हैं। सावंतवाड़ी विधानसभा सीट रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है।
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सावंतवाड़ी विधानसभा सीट 1962 में अस्तित्व में आई। तब से 1995 तक कांग्रेस का दबदबा रहा। 1978 में केवल एक बार जनता पार्टी के उम्मीदार ने एक बार चुनाव जीता। लेकिन 1999 के बाद कांग्रेस यहां कभी वापसी नहीं कर पाई। 1999 और 2004 में शिवसेना के शिवराम दलवी ने यहां से जीत दर्ज की।
2009 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दीपक केसरकर ने सावंतवाड़ी से चुनाव जीता जिसके बाद से केसरकर अपराजित है। हालांकि 2014 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ दिया और शिवसेना का दामन थाम लिया। सावंतवाड़ी विधानसभा सीट पर कुल 2 लाख 25 हजार 302 मतदाता है।
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सावंतवाड़ी विधानसभा सीट पर सत्ताधारी महायुति में शामिल एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने मौजूदा विधायक दीपक केसरकर को एक बार फिर से मैदान में उतारा है। दीपक केसरकर ने पिछले 15 सालों से इस सीट पर वर्चस्व कायम किया है। शिवसेना में टूट के समय दीपक केसरकर ने एकनाथ शिंदे का साथ दिया था।
वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे के शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट से राजन तेली को टिकट दिया है। ऐसे में इस बार शिवसेना बनाम शिवसेना की जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है। दीपक केसरकर मौजूदा सरकार में मंत्री है। ऐसे में उनका प्रभाव इस क्षेत्र में ज्यादा है।