Stanford India Conference 2026: SIR पर जवाब देना जरूरी…बंगाल चुनाव पर शशि थरूर ने सरकार पर उठाए सवाल
Shashi Tharoor On Delimitation: स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बंगाल चुनाव में वोटर लिस्ट से नाम हटाने और परिसीमन से दक्षिण भारत के हक छिनने पर सवाल उठाए।
- Written By: अमन मौर्या
शशि थरूर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Shashi Tharoor In Stanford India Conference 2026: रविवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्टैनफोर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में ‘इंडिया, दैट इज भारत- ग्रोथ, गवर्नेंस एंड आइडेंटिटी पर चर्चा हुई। इसमें कांग्रेस नेता शशि थरूर, भाजपा नेता अन्नामलाई और तेजस्वी सूर्या शामिल हुए। इस दौरान देश के कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव, SIR, लोकसभा में सीट संख्या और दक्षिण राज्यों के संसद में प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा हुई। चर्चा में शशि थरूर ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाने और अपील के वेरिफिकेशन में देरी का असर राज्य के चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। थरूर ने कहा कि SIR में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए। इसमें 34 लाख वोटर्स ने अपील का दावा भी किया था कि वे असली वोटर हैं।
SIR प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, SIR के बारे में कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब देना जरूरी है। बंगाल का मामला ही देख लीजिए। 91 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उनमें से 34 लाख जीवित लोगों ने अपील की है कि वे यहीं मौजूद हैं और वोट देने के कानूनी तौर पर हकदार हैं। आज भी यह पता चल सकता है कि बाकी बचे सालों में लगभग 31-32 लाख लोग असल में सही वोटर थे, जबकि मामले की सुनवाई चल ही रही है, लेकिन वे वोट देने का अपना मौका गंवा चुके हैं।
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#WATCH | San Francisco, USA: Speaking at the roundtable on ‘India, That is Bharat: Growth Governance and Identity’ at Stanford India Conference, Congress MP Shashi Tharoor says, “About the SIR… there are legitimate questions to answer. Look at the Bengal case. 91 lakh names… pic.twitter.com/QpysPZcVV1 — ANI (@ANI) May 10, 2026
BJP ने बंगाल में 30 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की। अब आप ही बताइए, क्या यह पूरी तरह से निष्पक्ष और लोकतांत्रिक है? केरलम चुनाव नतीजों पर बोलते हुए उन्होंने आगे कहा, केरल में मुझे लगता है कि इन नामों को हटाने से कांग्रेस को फायदा हुआ, क्योंकि CPIM लंबे समय से दोहरे, तिहरे और चौथे नामांकन करने में माहिर रही थी। ऐसा अक्सर होता था। इसलिए SIR के जरिए उन्हें लिस्ट से हटा दिया गया।
संसद में उत्तर का प्रतिनिधित्व ज्यादा
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, हमारे सामने ऐसी स्थिति है जिसमें उत्तरी राज्यों की आबादी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। यहां हर सांसद दक्षिणी राज्यों के सांसदों के मुकाबले कहीं ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। दक्षिणी राज्यों को ऐसा महसूस होगा कि उनके अधिकारों को छीन लिया गया है, क्योंकि कई मुद्दों पर पूर्ण बहुमत और संभव है जल्द ही दो-तिहाई बहुमत भी उत्तरी राज्यों के पास होगा, वे अपनी राय दूसरों पर थोपने में सक्षम होंगे।
#WATCH | San Francisco, USA: Speaking at the roundtable on ‘India, That is Bharat: Growth Governance and Identity’ at Stanford India Conference, Congress MP Shashi Tharoor says, “…We have a situation in which, undoubtedly, the northern states, whose population has grown by… pic.twitter.com/zjRQahOxp9 — ANI (@ANI) May 10, 2026
हर साल कोई न कोई ऐसा कानून पारित करवाना चाहेगा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाया जाए और इस पर तमिल भाषी लोग तुरंत खड़े होकर जोरदार विरोध करेंगे। इस पर भाजपा नेता अन्नामलाई ने कहा, जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर भारत अधिक प्रतिनिधित्व का हकदार है। इस पर चेतावनी देते हुए शशि थरूर ने कहा, परिसीमन के बाद दक्षिण भारत अधिकार-वंचित महसूस कर सकता है
Shashi Tharoor warns South may feel “Disenfranchised” post-Delimitation: Annamalai says North deserves more representation as per Census numbers Read @ANI Story I https://t.co/2PpevrzyMn#ShashiTharoor #Annamalai #Delimitation #Census pic.twitter.com/8JezfJa95w — ANI Digital (@ani_digital) May 10, 2026
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यूपी की इतनी आबादी तर्कसंगत कैसे?
उत्तर प्रदेश की जनसख्या पर बात करते हुए उन्होंने कहा, क्या 28 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश जैसे राज्य का होना तर्कसंगत है? क्या हमें राज्य पुनर्गठन आयोग को और अधिक अधिकार नहीं देने चाहिए? जब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं तो उन्होंने एक प्रस्ताव पारित करके यह मांग की थी कि उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग राज्यों में बांट दिया जाए।
