चुनाव से पहले आईपैक पर ईडी का शिकंजा, क्या ऋषि राज खोलेंगे राजनीतिक चंदे के गहरे राज?
ED Summons Rishi Raj Singh: ईडी ने चुनावी रणनीतिकार फर्म आई-पैक के निदेशक ऋषि राज सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला मामले में पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय तलब किया है जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
ऋषि राज सिंह, फोटो- सोशल मीडिया
I-PAC Money Laundering Case: चुनावी गहमागहमी के बीच देश की सबसे चर्चित राजनीतिक सलाहकार कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी यानी आई-पैक एक बार फिर मुश्किलों के घेरे में आ गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने इस कंपनी के निदेशक ऋषि राज सिंह को मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेन-देन से जुड़े एक गंभीर मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है।
आज यानी 20 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है जहां उनसे घंटों लंबी पूछताछ हो सकती है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब आई-पैक पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में डीएमके जैसी बड़ी सत्ताधारी पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। केंद्रीय एजेंसी के इस कदम ने न केवल कंपनी के भीतर बल्कि उन राजनीतिक दलों के गलियारों में भी बेचैनी पैदा कर दी है जिनके लिए यह संस्था काम करती है।
चुनावी रणनीतिकार कंपनी पर केंद्रीय एजेंसी का तगड़ा शिकंजा
ईडी ने ऋषि राज सिंह से पहले कंपनी के एक और डायरेक्टर विनेश चंदेल को भी 13 अप्रैल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। विनेश चंदेल इस समय एजेंसी की हिरासत में हैं और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर ही अब ऋषि राज सिंह को घेरे में लिया जा रहा है। जांच अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक दलों से प्राप्त धन के संदिग्ध हस्तांतरण से जुड़ा हुआ है।
सम्बंधित ख़बरें
सावधान! चुनाव में ‘फेक न्यूज’ और ‘Deepfake’ फैलाया तो खैर नहीं; चुनाव आयोग करेगा कार्रवाई
PM मोदी का बंगाल प्लान: ‘0’ बिजली बिल का किया वादा, TMC को बताया विकास का रोड़ा! देखें VIDEO
बंगाल चुनाव: 4 मई के बाद इंसाफ होगा, कंगना रनौत ने दी चेतावनी; ममता बनर्जी पर जमकर साधा निशाना
बंगाल चुनाव: ‘बढ़िया बनाइए…’, PM Modi ने चुनावी रण के बीच लिया झालमुड़ी का आनंद, देखें VIDEO
ऋषि राज सिंह के बेंगलुरु स्थित ठिकानों पर एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में ही छापेमारी की थी जिससे यह संकेत मिल गए थे कि आने वाले दिन उनके लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं। अब जब उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया है तो एजेंसी उनका बयान मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज करेगी।
करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन और हवाला का आरोप
इस जांच की जड़ें दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक पुरानी प्राथमिकी में छिपी हुई हैं जिसमें खातों में हेराफेरी और बेहिसाब धन के प्रबंधन के आरोप लगाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी शुरुआती जांच में दावा किया है कि उसे आई-पैक द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के कई पुख्ता सबूत मिले हैं। इन आरोपों में फर्जी बिल जारी करना और बिना किसी ठोस व्यावसायिक रिकॉर्ड के असुरक्षित कर्ज लेना जैसी बातें शामिल हैं।
एजेंसी का आरोप है कि हवाला चैनलों के जरिए नकदी का बड़ा इधर-उधर किया गया है और करीब 50 करोड़ रुपये के अपराध की कमाई को लॉन्डर किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि कंपनी के तीनों संस्थापक निदेशक जिनमें प्रतीक जैन का नाम भी शामिल है इन संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल चुनावों को प्रभावित करने या रणनीतियों को लागू करने के लिए किया गया था।
मुख्यमंत्री ममता ने की थी दखलंदाजी
आई-पैक पर चल रही यह जांच केवल हवाला तक सीमित नहीं है बल्कि इसके तार पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कोयला घोटाले से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। इसी साल जनवरी में जब ईडी ने कोलकाता स्थित आई-पैक के दफ्तर पर छापेमारी की थी तब एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। उस समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गई थीं।
यह भी पढ़ें: पहलगाम बरसी से पहले कश्मीर में बड़ी हलचल…ब्लैकआउट, मॉक-ड्रिल की भी तैयारी, घाटी में कुछ बड़ा होने वाला है?
ममता बनर्जी ने जांच में बाधा डालते हुए कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ ले जाने की कोशिश की थी। मुख्यमंत्री का दावा था कि ईडी चुनाव की रणनीति से जुड़े गोपनीय दस्तावेज चुराने की कोशिश कर रही है जो पूरी तरह गलत है। इस घटना को लेकर केंद्रीय एजेंसी ने उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में मुख्यमंत्री के खिलाफ शक्तियों के दुरुपयोग की शिकायत दर्ज कराई है और मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अब ऋषि राज सिंह से होने वाली पूछताछ में यह मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आने की उम्मीद है।
