पहलगाम बरसी से पहले कश्मीर में बड़ी हलचल...ब्‍लैकआउट, मॉक-ड्रिल की भी तैयारी, घाटी में कुछ बड़ा होने वाला है?

Jammu Kashmir Blackout Exercise: जम्मू-कश्मीर में 20-24 अप्रैल तक एयर रेड और ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल होगी। प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे घाटी में हलचल बढ़ गई है।
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फाइल फोटो (Image- Social Media)
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Jammu Kashmir Mock Drill: जम्मू-कश्मीर की वादियों में एक बार फिर सन्नाटा छाने की तैयारी है, लेकिन इस बार यह खामोशी किसी अनहोनी का संकेत नहीं बल्कि बड़े स्तर की तैयारी की ओर इशारा करती है। पहलगाम हमले की बरसी के करीब आते ही केंद्र शासित प्रदेश में प्रशासन ने अचानक ब्लैकआउट और एयर रेड जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आदेश जारी किया है।

20 से 24 अप्रैल के बीच होने वाले इस अभ्यास ने घाटी(Jammu Kashmir) में हलचल बढ़ा दी है और लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है क्या कुछ बड़ा होने वाला है? नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, होमगार्ड्स और आपातकालीन इकाइयों को अलर्ट रहने के निर्देश इस बात की ओर इशारा करते हैं कि प्रशासन किसी संभावित चुनौती को लेकर गंभीर है।

सभी जिलों में मॉक ड्रिल की तैयारी

आसमान से हमले की चेतावनी और अचानक ब्लैकआउट जैसे परिदृश्यों की तैयारी ऐसे समय में की जा रही है जब अतीत की घटनाएं फिर से याद दिला रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह केवल नियमित अभ्यास है या किसी संभावित खतरे को ध्यान में रखकर की जा रही विशेष तैयारी। जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir)सरकार के गृह विभाग ने सभी डिविजनल कमिश्नरों और डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर इस मॉक ड्रिल को सफलतापूर्वक आयोजित करें। इस दौरान सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, होम गार्ड्स और अन्य संबंधित इकाइयों की भी मदद ली जाएगी।

एजेंसियों की तैयारियों को परखना

मॉक एक्सरसाइज में एयर रेड अलर्ट, ब्लैकआउट, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना, सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन तथा इमरजेंसी रिस्पॉन्स जैसी गतिविधियों का अभ्यास शामिल होगा। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों को परखना और मजबूत बनाना है।

सरकार ने यह भी कहा है कि इस अभ्यास की जानकारी पहले से आम जनता को दी जाए ताकि किसी तरह की अफवाह या घबराहट न फैले। साथ ही सभी जिलों(Jammu Kashmir) से इस मॉक ड्रिल के बाद फोटो और वीडियो सहित एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने को कहा गया है। यह अभ्यास केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत पूरे देश में एक समान तैयारी सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तेजी और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी जा सके।

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