चंदननगर का संग्राम: क्या ‘फ्रेंच’ विरासत वाले इस गढ़ में बरकरार रहेगी दीदी की बादशाहत?
Chandannagar Seat Profile: हुगली जिले की चंदननगर सीट पर 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने की कोशिश करेगी, जबकि भाजपा मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में कड़ी चुनौती दे रही है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
फोटो- नवभारत
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंदननगर एक ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जो अपनी अनूठी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है। हुगली नदी के किनारे बसा यह पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेश आज भी अपनी इमारतों, नदी के किनारे और स्थानीय रीति-रिवाजों में एक विशिष्ट फ्रांसीसी छाप छोड़ता है, जो इसे राज्य के अन्य हिस्सों से अलग करता है। 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए यहां की बिसात बिछ चुकी है, जहां 29 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और 4 मई 2026 को परिणामों की घोषणा की जाएगी।
साल 1957 में सृजित यह निर्वाचन क्षेत्र तीन दशकों से अधिक समय तक वामपंथ का एक अभेद्य किला रहा, जहां मुख्य रूप से सीपीआई और सीपीआई (एम) का वर्चस्व था। सीपीआई (एम) के दिग्गज नेता भवानी मुखर्जी ने 1962 से 1991 के बीच लगातार सात बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, 2011 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने यहां सेंध लगाई और तब से पार्टी ने पिछले सात प्रमुख चुनावों में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा है।
2021 के नतीजे कैसे रहे?
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के इंद्रनील सेन ने अपनी पकड़ मजबूत साबित की थी। उन्होंने भाजपा के दीपांजन कुमार गुहा को 31,029 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी। इंद्रनील सेन को कुल 86,778 वोट (47.6%) मिले थे। हालांकि, भाजपा के बढ़ते प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता; 2016 में भाजपा का वोट शेयर महज 7.83% था, जो 2021 में बढ़कर 30.60% हो गया। वहीं, सीपीआई (एम) का वोट शेयर इसी अवधि में 25 प्रतिशत से अधिक गिर गया।
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चंदननगर के वोटर्स का समीकरण क्या है?
चंदननगर पूरी तरह से एक शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, जो चंदननगर नगर निगम और भद्रेश्वर नगर पालिका से मिलकर बना है। यहां के मतदाताओं का मिजाज काफी हद तक यहां के शहरी बुनियादी ढांचे और औद्योगिक बेल्ट पर निर्भर करता है। 2026 के चुनाव के लिए ड्राफ्ट रोल के अनुसार, मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है; 2024 में जहां मतदाता 2,34,688 थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 2,07,932 रह गई है। सामाजिक दृष्टिकोण से यहां अनुसूचित जाति के मतदाता 12.73% और मुस्लिम मतदाता लगभग 9.50% हैं।
विरासत, टूरिज्म और इकोनॉमी का संगम
चंदननगर केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां का जगतधात्री पूजा उत्सव और नदी के किनारे बने इंडो-फ्रेंच महल, जैसे कि डुप्लेक्स संग्रहालय और सेक्रेड हार्ट चर्च, पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां की अर्थव्यवस्था छोटे उद्योगों, सेवाओं और व्यापार पर टिकी है, और बड़ी संख्या में लोग काम के लिए कोलकाता आते-जाते हैं।
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2026 के चुनाव में TMC Vs BJP की फाइट
भले ही इतिहास तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान इस विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी की बढ़त घटकर महज 6,464 वोट रह गई थी। भाजपा एक मुख्य चुनौती के रूप में उभरी है और टीएमसी को इस बार अपने इस मजबूत गढ़ को बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है।
