Bengal Election: 'ईवीएम नहीं, तृणमूल का नतीजा खराब होगा', बंगाल चुनाव पर शाहनवाज हुसैन का बयान

Shahnawaz Hussain: भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों में होने वाले चुनावों में ईवीएम की खामी नहीं होगी, बल्कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का नतीजा खराब होगा।
shahnawaz husain
भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Published on
Updated on

West Bengal Assembly Elections 2026: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों में होने वाले चुनावों में ईवीएम की खामी नहीं होगी, बल्कि सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का नतीजा खराब होगा। पत्रकारों से बात करते हुए हुसैन ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हताश हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वह चुनाव हार जाएंगी।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर हुए कथित हमले और राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया।

भाजपा का टीएमसी चीफ पर हमला

भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी उपलब्धियों के बारे में कुछ नहीं कहना। वह सिर्फ भाजपा का मुकाबला करने के लिए बातें करती हैं। इसके अलावा, हुसैन ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिला नेताओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव की सराहना की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में एक चुनावी रैली में दोहराया था।

बंगाल के कानून व्यवस्था पर PM

पीएम मोदी ने जनसभा में कहा कि महिलाओं को 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका लाभ मिल सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हुसैन ने कहा कि सभी को इसका समर्थन करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को अच्छे काम में बाधा डालने की आदत है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हालिया घटना से पूरा देश स्तब्ध है, जहां सात न्यायिक अधिकारियों को बदमाशों ने बंधक बना लिया था।

सीएम ममता पर बरसे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कूच बिहार जिले में कहा कि पूरे देश ने देखा और न्यायाधीशों को बंधक बनाए जाने के तरीके से स्तब्ध रह गया। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस शासन में न्यायाधीशों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। कालियाचक की घटना तृणमूल कांग्रेस सरकार की क्रूरता का एक उदाहरण है। अगर सरकार न्यायाधीशों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, तो आम लोगों की क्या हालत होगी?

Navbharat Live
navbharatlive.com