
गणतंत्र दिवस की झांकी। इमेज-सोशल मीडिया
Republic Day Parade News: नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की जो भव्य छटा दिखी, उसने न केवल देशवासियों का दिल जीता, बल्कि विश्व पटल पर भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का लोहा भी मनवाया। इस साल की परेड खास रही, क्योंकि इसमें आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की झलक साफ दिखाई दी।
अब सरकार ने आधिकारिक तौर पर उन विजेताओं की घोषणा की है, जिन्होंने अपनी कदमताल और कलात्मक झांकियों से इस उत्सव में चार चांद लगाए।
तीनों सेनाओं के कड़े मुकाबले के बीच, भारतीय नौसेना के दस्ते को सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल के खिताब से नवाजा गया। अर्धसैनिक बलों (CAPF) और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में दिल्ली पुलिस ने बाजी मारी। दिल्ली पुलिस के जवानों के अनुशासन और तालमेल ने जूरी का दिल जीत लिया।
राज्यों की झांकियों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें संस्कृति, तकनीक और परंपरा का संगम था:
प्रथम पुरस्कार : महाराष्ट्र की झांकी को मिला, जिसकी थीम गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक थी।
द्वितीय पुरस्कार : जम्मू और कश्मीर को मिला, जिसमें वहां के शानदार हस्तशिल्प और लोक नृत्यों को दर्शाया गया था।
तृतीय पुरस्कार : केरल की झांकी ने जीता, जिसने अपनी वॉटर मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता के जरिए भविष्य के भारत की तस्वीर पेश की।
मंत्रालयों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की वंदे मातरम थीम वाली झांकी सर्वश्रेष्ठ चुनी गई।
सरकार ने MyGov पोर्टल के जरिए देश की जनता से भी उनकी राय मांगी थी। जनता के वोट के आधार पर परिणाम थोड़े अलग और दिलचस्प रहे:
सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल (सेना): असम रेजिमेंट
सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल (CAPF): CRPF
जनता की पसंदीदा झांकी (राज्य): गुजरात (स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की थीम) को पहला स्थान मिला। इसके बाद उत्तर प्रदेश और राजस्थान का नंबर रहा।
मंत्रालय: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आई।
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इस साल केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष पुरस्कार दिया गया। साथ ही वंदे मातरम: द इटरनल रेजोनेंस ऑफ इंडिया नृत्य समूह को उनके ऊर्जावान प्रदर्शन के लिए सराहा गया।






