बम धमाके से ठीक पहले दिल्ली के इन जगहों में घूम रही थी ‘मौत की i20’, जानिए पूरी टाइमलाइन
Delhi Blast Latest Update: जांच में खुलासा हुआ कि सफेद i20 कार धमाके से कुछ घंटे पहले कनॉट प्लेस और मयूर विहार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में देखी गई थी। 9 लोगों की मौत हुई थी। जानिए पूरी टाइमलाइन।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार, फोटो- नवभारत डिजाइन
Delhi Blast Timeline: दिल्ली में सोमवार शाम लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके को लेकर जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्मघाती हमलावर उमर नबी द्वारा इस्तेमाल की गई हुंडई i20 कार विस्फोट से कुछ घंटे पहले भीड़-ऊाड़ वाले इलाके में घूम रही थी।
ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई i20 कार कनॉट प्लेस और मयूर विहार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में देखी गई थी। इस हुंडई i20 कार का रजिस्ट्रेशन डॉ. शाहीन सईद के नाम पर है। पुलिस ने सईद के ठिकाने से असॉल्ट राइफल्स और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं।
धमाके से ठीक पहले ‘मौत की कार’ का टाइमलाइन
पुलिस को सफेद रंग की हुंडई i20 कार और उसे चलाने वाले आत्मघाती हमलावर उमर नबी के बारे में महत्वपूर्ण विवरण प्राप्त हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाका होने से कुछ घंटे पहले यह कार दिल्ली के कनॉट प्लेस और मयूर विहार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमती देखी गई थी।
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इसके बाद, शक के घेरे से बचने के लिए, उमर नबी ने कार को चांदनी चौक में सुनहरी मस्जिद पार्किंग में खड़ा कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि कार 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में दाखिल हुई और शाम 6:30 बजे के आस-पास बाहर निकली। इसके तुरंत बाद, सोमवार शाम 6:52 बजे लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और 9 लोगों की मौत हो गई।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में भी खड़ी थी कार
रिपोर्ट्स की मानें तो खुलासे में यह भी सामने आया कि यह कार 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक अलीगढ़ की अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में खड़ी थी। उसी जगह पर एक स्विफ्ट डिजायर कार भी खड़ी थी, जो डॉ. मुजम्मिल शकील के नाम पर रजिस्टर्ड है। शकील वही व्यक्ति है जिसे हरियाणा के फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
घबराहट में किया गया अधूरा विस्फोट
जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर उमर नबी घबरा गया था। उसकी घबराहट का कारण यह था कि उसके दो साथी डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. आदिल रजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, और साथ ही भारी मात्रा में विस्फोटक भी जब्त किए गए थे।
पूरी ताकत से नहीं फूटा बम
जांच के शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि इसी घबराहट में उमर ने कार में रखे बम को समय से पहले डिटोनेट कर दिया। यह विस्फोट अपनी पूरी ताकत से नहीं हो सका। घटनास्थल पर ब्लास्ट क्रेटर या प्रोजेक्टाइल्स के निशान नहीं मिले, जिससे यह माना जा रहा है कि विस्फोट आंशिक रहा। इंटेलिजेंस सूत्रों का कहना है कि यदि आईईडी को गलत तरीके से असेंबल न किया गया होता, तो यह एक बड़ा धमाका हो सकता था।
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विदेशी हैंडलर और संदिग्धों का पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का हैंडलर विदेश से ऑपरेट कर रहा है, और एजेंसियां विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। इस हुंडई i20 कार का रजिस्ट्रेशन डॉ. शाहीन सईद के नाम पर है। पुलिस ने सईद के ठिकाने से असॉल्ट राइफल्स और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि इस धमाके में अमोनियम नाइट्रेट के साथ हाई-ग्रेड मिलिट्री एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था।
