दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगा मालिकाना हक, सर्किल रेट होंगे सस्ते, व्यापार भी होगा आसान

CM रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक मिलेगा और सर्किल रेट में भी बदलाव होंगे। डीडीए व विभागों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को मिलेगा मालिकाना हक, सर्किल रेट होंगे सस्ते, व्यापार भी होगा आसान
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता (फोटो- सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: दिल्ली में लाखों लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को जल्द ही उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिल सकता है। इसके साथ ही सर्किल रेट में बदलाव की तैयारी हो रही है, जिससे संपत्ति खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और बोझ घटेगा। सरकार का फोकस सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि व्यापार और निर्माण को सरल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी है। दिल्ली को एक ग्लोबल, ग्रीन और इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राजधानी बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वालों को मालिकाना हक देने और वहां के विकास को तेज करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में डीडीए और शहरी विकास विभाग को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य इन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार देना है। इसके साथ ही सर्किल रेट की मौजूदा अनियमितताओं को दूर करने के लिए एक समिति बनाई जा रही है, जो बाजार के अनुसार नई दरें तय करेगी।

सरकार का ध्यान व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने पर भी है। व्यापार और रिहायशी भूखंडों को आपस में जोड़ने के लिए शुल्क घटाने की योजना बनाई गई है, जिससे उद्यमियों और स्टार्टअप्स को जमीन खरीदने और निर्माण करने में आसानी होगी। सिंगल विंडो क्लीयरेंस, समयबद्ध मंजूरी और मानकीकृत नियमों के जरिये प्रोजेक्ट अप्रूवल की प्रक्रिया को भी सरल किया जाएगा।

कई तरह के बदलावों पर चर्चा हुई

बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्रीन बिल्डिंग नीति अब सिर्फ कमर्शियल तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे रिहायशी इलाकों तक भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, स्लम पुनर्विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देने, संपत्ति कर को तर्कसंगत बनाने और मेट्रो की जमीन का बेहतर उपयोग करने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने टास्क फोर्स को निर्देश दिया है कि वह पारदर्शिता और तेजी के साथ काम करे ताकि दिल्ली को वैश्विक मानकों वाली राजधानी बनाया जा सके। तकनीक, ऑटोमेशन और सिंगल विंडो सिस्टम से व्यापार और निर्माण क्षेत्र में क्रांति लाने का लक्ष्य है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

मालिकाना हक, सर्किल रेट व व्यापार सुगमता में बदलाव की तैयारी

सरकार की योजना अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना अधिकार देने और सर्किल रेट को बाजार दरों के अनुसार सुधारने की है। इससे प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और कानूनी अड़चनें कम होंगी। दिल्ली को व्यापार के लिए आकर्षक बनाने के उद्देश्य से भूखंडों को जोड़ने पर शुल्क कम किया जाएगा। साथ ही, ग्रीन बिल्डिंग नीति को अब रिहायशी क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा ताकि पर्यावरण के साथ विकास हो।

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