दिल्ली HC में ऑनलाइन सुनवाई के बीच चला पोर्न वीडियो, ‘यूएस बेस्ड हैकिंग’ का दावा; मचा हड़कंप
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक पर हुए संभावित साइबर हमले की जांच दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट को सौंप दी गई है। अब इस पूरे मामले की आगे की जांच IFSO यूनिट ही करेगी।
- Written By: मनोज आर्या
दिल्ली हाई कोर्ट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delhi High Court Pornographic Content: दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के दौरान एक असामान्य घटना सामने आई। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कथित तौर पर बार-बार अश्लील वीडियो प्ले होने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये वीडियो वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सिस्टम के जरिए ब्रॉडकास्ट हुए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कंटेंट यूजर्स श्रीधर सरनोबत और शीतजीत सिंह के अकाउंट से चले। घटना के तुरंत बाद अदालत ने एहतियातन VC सिस्टम को बंद कर दिया ताकि किसी भी तरह की रुकावट या दुरुपयोग को आगे रोका जा सके।
सिस्टम हैक होने का दावा
कुछ मिनटों बाद जब VC सिस्टम को दोबारा ऑन किया गया तो फिर से पोर्न वीडियो चलने लगे। बैकग्राउंड में एक ऑटोमेटेड वॉइस मैसेज सुना गया कि यह अमेरिका से किया गया हैक है। मीटिंग को अभी बंद कर दीजिए। दोबारा कभी इसे ऑन मत करना। आपको हैक कर लिया गया है। फिलहाल वीसी को बंद कर दिया गया है और दोबारा नहीं खोला गया है।
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जांच में जुटी दिल्ली पुलिस
इस मैसेज के बाद कोर्ट के वीसी सिस्टम पर साइबर हमले (cyber attack) की आशंका और मजबूत हो गई है। शुरुआती संकेतों के आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) इंटरफेस पर संभावित साइबर अटैक की जांच की जा रही है। दिल्ली हाईकोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक पर हुए संभावित साइबर हमले की जांच दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट को सौंप दी गई है। अब इस पूरे मामले की आगे की जांच IFSO यूनिट ही करेगी।
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सुरक्षा प्रणाली पर सवाल
जैसे ही वीडियो स्क्रीन पर दिखाई दिया, तकनीकी टीम ने तुरंत लिंक को डिस्कनेक्ट किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। कोर्ट ने इस घटना को न्यायपालिका की गरिमा और सुरक्षा पर बड़ा हमला माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रजिस्ट्रार जनरल ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और साइबर सेल को हैकर के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने का जिम्मा सौंपा गया है। यह घटना हाइब्रिड और ऑनलाइन अदालती कार्यवाही की सुरक्षा प्रणालियों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है।
