Delhi EV Policy 2026: दिल्ली सरकार ने जारी की नई EV व्हीकल पॉलिसी, जानिए इससे आम जनता को क्या फायदा
Delhi EV Policy 2026: 2030 तक दिल्ली की 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया लागू की जाएगी। इसके तहत बसों को इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस किया जाएगा।
- Written By: अमन मौर्या
रेखा गुप्ता, (दिल्ली सीएम)
Delhi EV Policy 2026: दिल्ली की भाजपा शासित सरकार ने बहु प्रतीक्षित नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति (Delhi EV Policy 2026) का प्रस्ताव जारी किया है। आमजन 30 दिनों के भीतर इस पर अपने सुझाव दे सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी अगस्त 2020 में लागू किया गया था, जो कि 2023 में समाप्त हो गई थी। अब तक वही नीति का विस्तार किया जा रहा था। सरकार द्वारा लाई गई नई नीति में जनता को कई तरह की रियायतें भी मिलेंगी।
मार्च 2030 तक रहेगी प्रभावी
दिल्ली में ईवी नीति 2026 का ड्राफ्ट प्रस्तावित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम राजधानी में स्वच्छ, सुलभ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय प्रोत्साहन, कर में रियायत के साथ-साथ बुनियादी ढांचों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
लाभार्थियों को सीधे सब्सिडी का लाभ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि Delhi EV Policy 2026 के तहत सभी खरीद प्रोत्साहन संबंधित लाभ सीधे लाभार्थियों को दिए जाएंगे। इसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के निवासी व्यक्ति, स्वामित्व फर्म, एजेंसियां और कंपनियां शामिल होंगी। इसके लिए वाहन का दिल्ली में पंजीकृत होना अनिवार्य है। सब्सिडी के लिए लाभार्थी सीधे परिवहन विभाग, जीएनसीटीडी से संपर्क करके आवेदन कर सकेंगे।
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योजना में 10,000 रुपये का होगा फायदा
इस पॉलिसी में दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 2.25 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। इसके तहत अधिसूचना जारी होने के पहले पहले वर्ष में प्रति किलोवाट घंटा 10,000 रुपये की दर से अधिकतम 30,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 6,600 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर से अधिकतम 20,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 3,300 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की दर से अधिकतम 10,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
इसी प्रकार तीन पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अधिसूचना तिथि से पहले वर्ष में 50 हजार रुपये, दूसरे वर्ष में 40 हजार रुपये और तीसरे वर्ष में 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पहले वर्ष में 1,00,000 रुपये, दूसरे वर्ष में 75,000 रुपये और तीसरे वर्ष में 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
महंगी गाड़ियों पर नहीं मिलेगा कोई लाभ
पॉलिसी में 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की इलेक्ट्रिक कारों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई पॉलिसी (Delhi EV Policy 2026) के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को सड़क कर(शुल्क) और पंजीकरण शुल्क में राहत दी जाएगी। साथ ही उन्होनें बताया कि इस नीति में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पंजीकृत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को 100 प्रतिशत छूट मिलेगी और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को 31 मार्च 2030 तक नई नीति का फायदा मिलेगा।
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2030 तक 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य
प्रस्तावित Delhi EV Policy 2026 के तहत 2030 तक दिल्ली की 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्पष्ट प्रावधान भी किए गया है। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके तहत अधिसूचना जारी होने के दूसरे वर्ष की समाप्ति तक 10 प्रतिशत, तीसरे वर्ष की समाप्ति तक 20 प्रतिशत और 31 मार्च 2030 तक 30 प्रतिशत बसों को इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस किया जाएगा।
