ऐन मौके पर बदला वेन्यू, विट्ठल हाउस में CJP और सरकार की बड़ी बैठक, उधर कैबिनेट मीटिंग भी जारी, होगा अहम फैसला!

CJP-Government Meeting at Vithal House Delhi: आज कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच होने वाली बैठक का वैन्यू ऐन मौके पर बदल दिया गया। वहीं दूसरी ओर कैबिनेट की बैठक जारी है।
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सीजेपी और सरकार में बैठक (सौजन्य-IANS कंसेप्ट फोटो)
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CJP Government Meeting: दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों को लेकर केंद्र सरकार के साथ कॉन्स्टिट्यूशनल हाउस में बैठक होने वाली थी। लेकिन ऐन मौके पर बैठक की जगह अचानक बदल दी गई। अब दिल्ली के विट्ठल हाउस में बैठक हो रही है। सीजेपी के प्रतिनिधि के तौर पर पार्टी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका बैठक में शामिल हुए है।

वहीं, सरकार की ओर से दो मंत्री केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह हैठक में शामिल हुए है। बैठक में शामिल होने से पहले अभिजीत दीपके ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं होगा। अगर सरकार इस मांग को पूरा नहीं करती तो यह आंदोलन चलता रहेगा। आज इसी को लेकर देश भर के हर जिले में आंदोलन किया जा रहा है।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक

वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में कैबिनेट की बैठक भी जारी है। कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक मामले में बड़े फैसले लिए जाएंगे। यह बैठक अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादा पारदर्शिता लाने पर चर्चा होने की संभावना है। कैबिनेट मौजूदा कानून को और सख्त बनाने के लिए उसमें संशोधन करने पर भी विचार कर सकती है, और एजेंडे में कानूनी प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा भी शामिल है।

बैठक में कई मंत्री शामिल होंगे, जहां प्रस्तावित कानून के मसौदे में संभावित बदलावों पर चर्चा हो सकती है। कल देर रात प्रधानमंत्री ने संकेत दिया था कि नियमों और कानूनों में ज्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून लाए जाएंगे।

10 करोड़ का जुर्माना और 10 साल की सजा

इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच, मोदी सरकार पेपर लीक से निपटने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में तीन महीने के भीतर पेपर लीक मामलों पर फैसला सुनिश्चित करने का प्रावधान शामिल है, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट उस समय सीमा के भीतर सजा सुनाएंगे। कानून में 10 साल तक की जेल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी शामिल है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा था कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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