अरविंद केजरीवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Arvind Kejriwal Liquor Policy Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की उस अर्जी पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने शराब नीति मामले से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के हटने की मांग की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए सीबीआई को नोटिस जारी किया और दोनों पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें पेश करने का अवसर दिया।
दरअसल, कोर्ट सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसके तहत केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को कथित शराब नीति घोटाले में बरी कर दिया गया था। इसी दौरान केजरीवाल खुद कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के मामले से हटने की मांग वाली अपनी अर्जी को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया।
लाइव लॉ के मुताबिक अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने यह अर्जी तय प्रक्रिया के तहत दाखिल की है लेकिन एक याचिकाकर्ता के तौर पर उन्हें ई-फाइलिंग की अनुमति नहीं है इसलिए उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि उनकी अर्जी को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल किया जाए। जब कोर्ट ने पूछा कि क्या वह अपनी अर्जी पर खुद बहस करेंगे तो केजरीवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए ‘हां’ में जवाब दिया।
सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस अर्जी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कुल सात अर्जियां मिल चुकी हैं और यह एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गंभीर आरोप लगाकर ही अपना करियर बनाते हैं। यह आरोप एक संस्था पर लगाए जा रहे हैं और हम संस्था का पूरा समर्थन करेंगे। तुषार मेहता ने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसी को केजरीवाल के खुद पेश होने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन यदि वह खुद बहस करना चाहते हैं तो उनके वकील को भी अलग होना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी पक्षों को अपनी लिखित दलीलें जल्द दाखिल करनी चाहिए।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल की अर्जी को रिकॉर्ड पर लेते हुए रजिस्ट्री को इसे डिजिटल रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। साथ ही, अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई अन्य पक्ष भी जज के रीक्यूजल की मांग करना चाहता है, तो वह एक तय समय में ऐसा कर सकता है ताकि इस पर एक साथ निर्णय लिया जा सके। मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे तय की गई है।