NTA ने सबक नहीं सीखा! NEET-UG परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार, CBI-NTA-केंद्र सरकार से मांगा जवाब
NEET-UG Papr Leak: नीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। सुप्रीम कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी कर यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) सहित कई याचिकाओं पर जवाब मांगा है।
- Written By: प्रिया जैस
सुप्रीम कोर्ट (सौजन्य-IANS)
Supreme Court on NEET UG Re-Exam: NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, एनटीए और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन याचिकाओं में नीट की दोबारा परीक्षा प्रक्रिया में न्यायिक निगरानी कराए जाने की मांग की गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई को होगी।
इस याचिका में मांग की गई है कि NEET-UG 2026 दोबारा कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक “हाई-पावर्ड कमेटी” करे। इस कमेटी की अध्यक्षता अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज करें। निगरानी कर रही कमेटी में एक साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ और एक फॉरेंसिक वैज्ञानिक भी शामिल किए जाने की मांग की गई है।
याचिका में की गई मांग
याचिका में मांग की गई है कि जब तक नई स्वतंत्र परीक्षा संस्था (NEIC) औपचारिक रूप से नहीं बन जाती, तब तक इसी न्यायिक समिति की निगरानी में NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराई जाए। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में नीट के सेंटर-वाइज रिजल्ट सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की गई है, ताकि किसी भी असामान्य पैटर्न या गड़बड़ी का पारदर्शी तरीके से पता लगाया जा सके।
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The Supreme Court has issued notices to the Centre and the National Testing Agency (NTA) seeking a response on a batch of pleas, including one by the United Doctors Front (UDF), that have sought the dissolution of the NTA over allegations of paper leak of the NEET-UG 2026… pic.twitter.com/RseU4QtAMp — ANI (@ANI) May 25, 2026
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ये बहुत दुख की बात है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सबक नहीं सीखा। सुप्रीम कोर्ट का पहले भी फैसला आ चुका है। कमीशन ने सिफारिश दी है। सिफारिश मान भी ली गई, लेकिन फिर भी ऐसा हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एनटीए को मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिश के बारे में स्टेटस बताते हुए एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश देते हैं। कोर्ट ने कहा कि मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन के राधाकृष्णन को भी हाई पावर कमेटी के निर्देशों को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों पर एफिडेविट फाइल करें।
एनटीए ने सबक नहीं सीखा
मौखिक रूप से यह देखते हुए कि एनटीए ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के पहले के हस्तक्षेप के बावजूद अपना सबक नहीं सीखा है, न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की अगुवाई वाली पीठ ने एनटीए को एक निगरानी समिति के संबंध में स्थिति बताते हुए एक हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया, जिसे इस मुद्दे पर न्यायालय के निर्देशों के बाद गठित किया गया था।
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कोर्ट ने कहा, “हम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को दर्शाते हुए के राधाकृष्णन को निगरानी समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने का भी निर्देश देते हैं। इस मामले को गुरुवार को सूचीबद्ध करें।”
गौरतलब है कि नीट परीक्षा 3 मई को भारत भर में स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, बाद में यह परीक्षा रद्द कर दी गई, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र प्राप्त कर लिया था और उसे पैसे के बदले उम्मीदवारों को वितरित कर दिया था। जांच एजेंसियों ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
