हनी सिंह-बादशाह को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने ‘Volume 1’ गाना को बताया अश्लील, तुरंत हटाने का दिया आदेश

Mafia Mundeer Volume 1 Controversy: दिल्ली हाई कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह के विवादित गाने को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया, कोर्ट ने इसे अश्लील और महिलाओं के लिए अपमानजनक बताया।
Delhi HC Reprimands Honey Singh And Badshah
हनी सिंह और बादशाह (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Delhi HC Reprimands Honey Singh And Badshah: दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को सिंगर-रैपर हनी सिंह और बादशाह को बड़ा झटका देते हुए उनके पुराने विवादित गाने ‘माफिया मुंडीर’ वॉल्यूम 1 को सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस गाने को “बेहद अश्लील और अभद्र” बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के प्रति अपमानजनक है और किसी भी सभ्य समाज में इस तरह के कंटेंट को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हनी सिंह और बादशाह के गाने पर कोर्ट का सख्त रुख

जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गाने से जुड़े सभी वीडियो, ऑडियो, रीमिक्स और अन्य वर्जन को सोशल मीडिया, म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से तत्काल हटाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि गाने का शीर्षक इतना आपत्तिजनक है कि उसे आधिकारिक आदेश में भी दर्ज करना मुश्किल है।

यह मामला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसे हिंदू शक्ति दल ने दायर किया था। याचिका में YouTube, Google और Spotify जैसे प्लेटफॉर्म से इस गाने को हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ पंक्तियां गाईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह उन्हीं का गाना है।

कोर्ट ने गाने के बोल सुनने और पढ़ने के बाद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह उन दुर्लभ मामलों में से है जिसने न्यायालय की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। न्यायाधीश ने कहा कि इस गाने में महिलाओं का अपमान किया गया है और इसमें किसी भी प्रकार का कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं दिखता।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर इस तरह की सामग्री को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करना स्वीकार्य नहीं है, खासकर तब जब यह सभी उम्र के लोगों, यहां तक कि नाबालिगों के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो।

मामले पर 7 मई को होगी सुनवाई

हाई कोर्ट ने हनी सिंह और बादशाह को नोटिस जारी करते हुए इस मामले में जवाब मांगा है। साथ ही, याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया है कि वह गाने से जुड़े अन्य लिंक की सूची तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपे, ताकि उन्हें भी हटाया जा सके। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी। अदालत के इस फैसले को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की मर्यादा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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