नोएडा में 15 महीने की मासूम हुई हैवानियत का शिकार, मेड ने की सारी हदें पार, देखें VIDEO

15 month old innocent girl became a victim of brutality: नोएडा के सेक्टर -137 से 15 महीने की मासूम के साथ क्रूरता की खबर सामने आई है। माता-पिता को डे केयर में बच्ची काे रखना भारी पड़ गया।
IN NOIDA DAY CARE CENTRE A HENIOUS CRIME HAPPENED WITH AN INNOCENT CHILD
15 महीने की मासूम बच्ची के साथ हुई बर्बरता (फोटो सोर्स -सोशल मीडिया)
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Maid Heinous Crime: नोएडा के सेक्टर 137 से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां के दो वर्किंग दंपती अपनी 15 महीने की छोटी सी नवजात बच्ची को डे केयर में रखकर काम पर जाया करते थे। बीते दिन उनकी बच्ची के साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने हर वर्किंग कपल को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या छोटे बच्चों को डे-केयर के सहारे छोड़ कर जाना सही है?

नोएडा के ही सेक्टर -142 में एक चाइल्ड डे-केयर स्थित है। डे-केयर की मेड ने 15 महीने  की छोटी सी बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। बच्ची के माता-पिता ने पुलिस थाने में इस मामले की कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जानकारी पर तुरंत ही डे-केयर की उस मेड और संस्थान पर आगे की छान-बीन शुरू कर दी है।

मेड की क्रूरता सीसीटीवी फुटेज में कैद

इस चाइल्ड केयर में हैवानियत को अंजाम देने वाली वह मेड 10 दिन पहले ही आई थी। उसने बच्ची की देखभाल के दौरान उसके मासूम पैरों पर अपने नाखूनों के निशान जड़ दिए थे, उसे अपने दांतों से काटा भी था और बच्ची को क्रूरता में पटक भी दिया था।

जैसे ही परेशान बच्ची के पैर पर मां की नजर गई, उसने तुरंत मामले की छानबीन करवाई। मामले की शिकायत पर डे-केयर संस्था द्वारा जब सीसीटीवी का फुटेज निकाला गया तब मेड का किया यह दर्दनाक कारनामा सबकी नजर में आ गया।

दंपती ने तुरंत ही पुलिस को इसकी सूचना देकर मेड के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले पर नोएडा जोन के डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया है कि बच्ची डेढ़ घंटे के लिए डे-केयर में जाया करती थी। कैमरे में कैद फुटेज के आधार पर घरेलू सहायिका को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कामकाजी दंपति के बच्चे क्या डे-केयर में सुरक्षित?

ऐसे घृणित मामले ने कामकाजी कपल्स के डर को बढ़ा दिया है। अधिकतर दंपती अपने बच्चों को डे-केयर की सुरक्षा में डालकर काम-काज पर जाया करते थे। पर अब ऐसे बढ़ते मामले हम सबके बीच एक भयावह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या नोएडा जैसे शहरों में मासूम बच्चों को डे-केयर में छोड़कर जाना सुरक्षित है?

क्या वाकई डे-केयर का यह सहारा मासूम बच्चों को वो सुरक्षा दे भी सकता है जिसके लिए ऐसे संस्थान आजकल तेजी से बनाए जा रहे हैं। फिलहाल मासूम बच्ची और उसके पीड़ित मां-बाप सदमे में हैं, परेशान हैं। और यह पूरी घटना हम सभी के लिए एक बड़ी सीख है।

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