देहरादून एयरपोर्ट (सौजन्य सोशल मीडिया)
CBI Action In Embezzlement Of 232 Crores At Dehradun Airport: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ प्रबंधक पर देहरादून एयरपोर्ट पर लगभग 232 करोड़ रुपए गबन करने का आरोप है।
सीबीआई ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से प्राप्त एक शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। आरोप है कि आरोपी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, देहरादून एयरपोर्ट पर तैनात रहते हुए आधिकारिक और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों में हेराफेरी करके एएआई के साथ धोखाधड़ी और गबन की एक व्यवस्थित योजना में शामिल था। उसने लगभग 232 करोड़ रुपए की सार्वजनिक धनराशि को अपने निजी खातों में जमा कर लिया। बताया जा रहा है कि, आरोपी सीनियर मैनेजर ने देहरादून में जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर तैनाती के दौरान तीन साल में यह रकम फर्जी कामों के नाम पर अपने कई खातों में जमा करवाई थी।
जांच में पता चला कि 2019-20 से 2022-23 की अवधि में देहरादून एयरपोर्ट पर तैनात रहने के दौरान आरोपी ने डुप्लिकेट, फर्जी संपत्तियां बनाकर और कुछ संपत्तियों के मूल्यों को बढ़ाकर, जिसमें प्रविष्टियों में शून्य जोड़ना भी शामिल था ताकि नियमित पता लगाने से बचा जा सके, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में हेरफेर किया। इस हेरफेर में लगभग 232 करोड़ रुपए की राशि कथित तौर पर आरोपी के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई।
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बैंक लेनदेन की प्रारंभिक जांच से यह भी संकेत मिलता है कि इस प्रकार जमा की गई धनराशि को बाद में आरोपी द्वारा व्यापारिक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे जनता के पैसे की हेराफेरी हुई। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 28 अगस्त को जयपुर में आरोपी के आधिकारिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली, जहां से अचल संपत्तियों और मूल्यवान प्रतिभूतियों के दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपी का नाम राहुल विजय है, जो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक था। साथा ही अधिकारियों ने सीबीआई को बताया कि राहुल विजय देहरादून एयरपोर्ट पर प्राधिकरण के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते का प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था। इसका फायदा उठाकर राहुल ने तीन अलग-अलग आईडी बनाईं। सबसे पहले उसने इन आईडी से बेहद मामूली राशि अपने खातों में भेजी। पकड़ में नहीं आने पर वह बड़ी रकम खातों में भेजने लगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ )