कमांडर पापा राव और माओवादी सुक्रू (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sukru Maoist Surrender Odisha: छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ माओवादी कमांडर पापा राव ने मंगलवार को अपने 17 सहयोगियों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि पापा राव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज थे।
उनके साथ आत्मसमर्पण करने वालों में सात महिला नक्सली भी शामिल हैं। सभी ने हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई और अपने हथियार भी सौंप दिए, अधिकारियों का कहना है कि इस समर्पण से दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है और यह नेतृत्त्व के कमजोर होने का संकेत है।
पापा राव पिछले दो दशकों से अधिक समय से सक्रिय था और कई बड़े हमलों में शामिल रहा था, जिनमें 2010 का ताडमेटला हमला भी शामिल है। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम के बाद अन्य नक्सली भी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटेंगे।
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ओडिशा के कंधमाल जिले में 55 लाख रुपये के इनामी माओवादी सुक्रू ने मंगलवार को चार साथियों के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। डीजीपी वाईबी खुरानिया के अनुसार, नुसार, सुक्रू प्रदेश समिति का सदस्य था और उसने एके-47 राइफल समेत हथियार भी सौंपे।
सुक्रू को राज्य में सक्रिय बचे अंतिम बड़े माओवादी नेताओं में गिना जाता था। अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त सुरक्षा बलों के सघन नक्सल-रोधी अभियान और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उस पर दबाव बना, जिसके बाद उसने आत्मसमर्पण किया।