तेलंगाना में नक्सलवाद का अंत? माओवादी नेता गणपति सहित 124 सदस्य आज करेंगे आत्मसमर्पण

Telangana Maoist Surrender: तेलंगाना में आज एक ऐतिहासिक दिन है। वरिष्ठ माओवादी नेता गणपति और 124 अन्य नक्सली सीएम रेवंत रेड्डी के सामने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होंगे।
End of Naxalism in Telangana? Maoist leader Ganapathy and 124 others to surrender today
फाइल फोटो (Image- Social Media)
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Telangana News: तेलंगाना राज्य के इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दशकों से जंगलों में रहकर सशस्त्र संघर्ष कर रहे माओवादियों ने अब मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। तेलंगाना पुलिस के सूत्रों और मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ माओवादी नेता मुप्पाला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति आज शाम 4 बजे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सामने आत्मसमर्पण करेंगे। उनके साथ 124 अन्य माओवादी नेता, कमांडर और विभिन्न कैडर के सदस्य भी सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाएंगे।

केंद्रीय नेतृत्व और गृह मंत्रालय की सक्रियता

इस बड़े आत्मसमर्पण के पीछे गहन कूटनीति और पुलिस की सक्रियता का बड़ा हाथ है। हाल ही में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य में नक्सल आंदोलन की स्थिति और माओवादियों के पुनर्वास पैकेज पर विस्तार से चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया था कि तेलंगाना में पिछले दो वर्षों के दौरान 591 माओवादियों ने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है।

पुनर्वास और विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि सरकार राज्य के पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों हेतु वित्तीय सहायता का आग्रह किया है। सरकार उन सभी नक्सलियों को पुनर्वास सहायता और मुआवजा देने के लिए नियमों के तहत कार्य कर रही है, जो हिंसा का रास्ता छोड़कर लौट रहे हैं। पुलिस की प्रभावी नीतियों ने वरिष्ठ माओवादी नेतृत्व को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि समाज के साथ मिलकर विकास का हिस्सा बनना ही एकमात्र विकल्प है।

नक्सलवाद के अंत की शुरुआत

यह आत्मसमर्पण केवल एक घटना नहीं, बल्कि तेलंगाना में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे पहले भी प्रतिबंधित संगठन के चार वरिष्ठतम नेता, जिनमें तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवुजी और मल्ला राजी रेड्डी जैसे बड़े नाम शामिल हैं, पुलिस के सामने सरेंडर कर चुके हैं। आज के इस सामूहिक सरेंडर से माओवादी संगठन की कमर टूटना तय है। मुख्यमंत्री की आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, जहां वे इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की कार्ययोजना का आधिकारिक खुलासा करेंगे।

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