नक्सल मुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ में पहला माओवादी हमला, कांकेर में IED ब्लास्ट; 3 जवान शहीद
Kanker IED Blast: छत्तीसगढ़ में कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर डी माइनिंग ऑपरेशन के दौरान IED ब्लास्ट हो गया। इस ब्लास्ट की चपेट में आकर DRG के 3 जवान शहीद हो गए और एक जवान घायल हो गया।
- Written By: अर्पित शुक्ला
कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर IED ब्लास्ट, फाइल फोटो (Image- Social Media)
Chhattisgarh Kanker IED Blast: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक IED धमाका हुआ है। इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए हैं। यह धमाका उस समय हुआ जब सुरक्षा बलों की टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन के लिए निकली थी।
खबरों के अनुसार, यह ब्लास्ट नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) की वजह से हुआ है। जैसे ही जवान इस इलाके से गुजर रहे थे, अचानक जोरदार धमाका हुआ, इस धमाके में तीन जवान शहीद हो गए। धमाके के तुरंत बाद अन्य सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया तथा घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद पहला हमला
बता दें कि 31 मार्च को सशस्त्र माओवादियों से फ्री घोषित किए जाने के बाद नक्सल गतिविधियों से जुड़े ब्लास्ट की यह पहली घटना है। पुलिस अधिकारियों ने बतया कि जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर जिले की सीमा के पास सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे थे और उनको बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के लिए भेजा गया था। बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के ऑपरेशन के दौरान हुए ब्लास्ट में डीआरजी के तीन जवान शहीद हो गए।
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बारूदी सुरंगें सेना के लिए बड़ी चुनौती
अधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद घायल जवानों को अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पहले से बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं।
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यह सुरंगें अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबल के जवान क्षेत्र में लगातार बारूदी सुरंगों की तलाश और उनको निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
