क्या है रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी? इसमें कैसे बना सकते हैं करियर, जानें सबकुछ

रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी एक विशिष्ट और उभरता हुआ क्षेत्र है, जो मानसिक और शारीरिक विकलांगताओं से जूझ रहे व्यक्तियों की मदद करता है।
क्या है रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी? इसमें कैसे बना सकते हैं करियर, जानें सबकुछ
क्या है रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी?
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नवभारत डेस्क: रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी एक विशिष्ट और उभरता हुआ क्षेत्र है, जो मानसिक और शारीरिक विकलांगताओं से जूझ रहे व्यक्तियों की मदद करता है। यह क्षेत्र उन लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए काम करता है, जिन्हें दुर्घटना, रोग या विकारों के कारण शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए 12वीं साइंस स्ट्रीम में पास होने के बाद कई कोर्स विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास में डिप्लोमा, मानसिक स्वास्थ्य सामाजिक कार्य में डिप्लोमा, मनोरोग परामर्श में स्नातक, पुनर्वास विज्ञान में स्नातक, क्लिनिकल साइकोलॉजी में मास्टर्स, और एम.फिल. पुनर्वास मनोविज्ञान में डिग्री एवं डिप्लोमा जैसी योग्यताएं शामिल हैं।

प्रमुख संस्थान रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी में करियर बनाने के इच्छुक छात्र कुछ प्रमुख संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेस, बेंगलुरु
  • राजीव गांधी विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई
  • राममनोहर लोहिया अस्पताल, दिल्ली
  • क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर

करियर के अवसर

रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, और इसमें विशेषज्ञों की मांग निरंतर बढ़ रही है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के बाद आप विभिन्न पदों पर कार्य कर सकते हैं, जैसे कि पुनर्वास काउंसलर, क्लिनीकल मनोवैज्ञानिक, स्पेशल एजुकेटर, और मनोवैज्ञानिक सलाहकार।

यह क्षेत्र उन व्यक्तियों के लिए एक बेहतरीन करियर विकल्प प्रस्तुत करता है, जो समाज की सेवा करना चाहते हैं और मानसिक व शारीरिक विकलांगताओं से जूझ रहे लोगों की जीवनशैली में सुधार लाने में मदद करना चाहते हैं।

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