

NEET UG 2026 Re Exam Paper Security: पिछले महीने देश को झकझोर देने वाले मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर लीक कांड से सबक लेते हुए केंद्र सरकार और NTA इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार भारतीय वायुसेना को मैदान में उतारा गया है।
21 जून को होने वाले NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तैयारी शुरू कर दी। पेपर लीक मामले के बाद हो रह री-एग्जाम को लेकर NTA ने खास सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इसी बीच भारतीय वायुसेना की निगरानी में 'नीट' के पेपर लेकर कार्गो विमान नागपुर पहुंचे। पिछले माह मई में नीट पेपर लीक मामले के बाद इस बार परीक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नीट के पेपर की खेप लेकर इंडियन एयर फोर्स का पहला कार्गो विमान रविवार की रात करीब 10 बजे नागपुर के डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड हुआ और करीब पौन घंटे बाद यह फ्लाइट वापस पुणे के लिए रवाना हो गई। इसके बाद सोमवार को सुबह के सत्र में एयर फोर्स की 2 फ्लाइट्स नागपुर एयरपोर्ट पर नीट के पेपर लेकर पहुंचीं। यह पूरी प्रक्रिया एयरफोर्स की विशेष निगरानी में संपन्न हुई। भारतीय वायुसेना के विमान में नीट परीक्षा से संबंधित पेपर सहित गोपनीय सामग्री लाई गई थी। एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संभाला गया। सूत्रों का दावा है कि रविवार रात से सोमवार सुबह तक कुल 2 विशेष कार्गो उड़ानें नागपुर पहुंचीं। नीट के पेपर की सुरक्षा को देखते हुए पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय रखा गया। एयरपोर्ट परिसर में सीमित अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को ही इसकी जानकारी थी।
गौरतलब है कि पिछले माह नीट परीक्षा को लेकर सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार प्रश्नपत्रों के परिवहन और भंडारण को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए गए है। इसी कारण पेपर की खेप को विशेष निगरानी में हवाई मार्ग से नागपुर लाया गया।
देश के मध्य में स्थित नागपुर लंबे समय से महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की संवेदनशील परीक्षा सामग्री के संचालन में भी नागपुर की भूमिका अहम मानी जा रही है। हालांकि संबंधित एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार पूरी कार्रवाई उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत की गई।