स्टेडियम में बम और हाथ में राइफल! मेसी-रोनाल्डो पर आतंकी हमले की साजिश? खुफिया रिपोर्ट लीक होने से मचा हड़कंप
Lionel Messi Terror Threat: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लीक डोजियर में खुलासा: लियोनल मेसी और रोनाल्डो आतंकियों के निशाने पर थे। मेसी को बम से उड़ाने की धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप।
- Written By: अर्पित शुक्ला
लियोनल मेसी (Image- Social Media)
Lionel Messi Terror Threat during FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल फैंस के लिए खेल का सबसे बड़ा महाकुंभ था, लेकिन मैदान के बाहर सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद सामने आए एक कथित लीक पुलिस डोजियर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट के दौरान कई खिलाड़ियों, रेफरी और टीमों को धमकियां मिली थीं।
इनमें अर्जेंटीना के कप्तान लियोनल मेसी कथित तौर पर सबसे ज्यादा धमकियां पाने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। स्पेनिश मीडिया में सामने आए पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, मेसी को निशाना बनाने वाली धमकियों में बम हमले की चेतावनी भी शामिल थी। FBI और इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन सेंटर (IPCC) से जुड़े सुरक्षा तंत्र ने इन घटनाओं की जांच की।
डलास में मेसी को निशाना बनाने की धमकी
रिपोर्ट के मुताबिक, अर्जेंटीना और जॉर्डन के बीच डलास में खेले गए मुकाबले से पहले एक धमकी भरा फोन आया था। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर दावा किया कि वह अपने दो साथियों के साथ स्टेडियम की ओर बढ़ रहा है और उनके पास विस्फोटक तथा राइफल है। इस धमकी में खिलाड़ियों और पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने की बात कही गई थी और मेसी का नाम भी लिया गया था। बाद में अर्जेंटीना ने डलास में जॉर्डन को 3-1 से हराया था। इस मुकाबले में मेसी ने भी गोल किया था।
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अटलांटा में भी सामने आई धमकी
मेसी को लेकर एक और गंभीर धमकी अर्जेंटीना के मिस्र के खिलाफ मुकाबले से पहले सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने स्टेडियम में घुसकर मेसी को निशाना बनाने की धमकी दी थी। इसी मुकाबले के दौरान पुलिस को स्टेडियम के कूड़ेदानों में बम रखे होने की सूचना मिलने की बात भी सामने आई। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटक विशेषज्ञों और स्निफर डॉग्स की मदद से पूरे परिसर की तलाशी ली। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के बाद यह धमकी वास्तविक हमले में तब्दील नहीं हुई। यानी मेसी पर कोई आतंकी हमला नहीं हुआ, लेकिन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी।
रोनाल्डो भी रहे सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
लीक दस्तावेज में पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो से जुड़े सुरक्षा मामलों का भी जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति पुर्तगाल की टीम के होटल और रोनाल्डो के ठिकाने से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहा था। बाद में पुलिस ने कथित तौर पर उसे टीम के होटल से हिरासत में लिया। एक अन्य घटना में कनाडा में एक फैन ने रोनाल्डो के साथ लिफ्ट में घुसने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे रोक दिया। इन घटनाओं ने यह साफ किया कि टूर्नामेंट के दौरान सिर्फ आतंकी धमकियां ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की निजी सुरक्षा और संदिग्ध प्रशंसकों से जुड़े खतरे भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए थे।
रेफरी को मिलीं हजारों धमकियां
विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों के अलावा मैच अधिकारियों को भी भारी ऑनलाइन उत्पीड़न और धमकियों का सामना करना पड़ा। फ्रांस के रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर को एक मुकाबले के बाद उनके निजी व्हाट्सएप पर 6,000 से ज्यादा धमकी भरे संदेश मिलने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन धमकियों के चलते उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी थी। अन्य खिलाड़ियों और टीमों को भी सोशल मीडिया पर धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इससे पता चलता है कि 2026 विश्व कप में सुरक्षा चुनौती सिर्फ स्टेडियम के भीतर संभावित हमलों तक सीमित नहीं थी।
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करोड़ों फैंस के बीच चला हाई-सिक्योरिटी ऑपरेशन
फीफा वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित हुआ। मैदान पर मुकाबले चल रहे थे और दुनिया भर के दर्शक फुटबॉल के रोमांच में डूबे थे, लेकिन पर्दे के पीछे सुरक्षा एजेंसियां संभावित हमलों, संदिग्ध लोगों और ऑनलाइन धमकियों की लगातार निगरानी कर रही थीं। लीक पुलिस दस्तावेजों में सामने आए मामलों से यह संकेत मिलता है कि हाई-प्रोफाइल खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कई स्तरों पर काम करना पड़ा।
