AI बदलाव के बीच भारतीय कर्मचारी तेजी से नई स्किल्स सीख रहे। (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
India Workforce Upskilling : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने काम करने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है, और India इस बदलाव के केंद्र में है। Educational Testing Service (ETS) की 2026 ह्यूमन प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 86% कर्मचारी पिछले एक साल में बड़े स्तर पर वर्कप्लेस बदलाव का सामना कर चुके हैं, जो वैश्विक औसत 67% से काफी ज्यादा है।
इसमें नौकरी की जिम्मेदारियों में बदलाव, नए टूल्स का इस्तेमाल और बढ़ती परफॉर्मेंस अपेक्षाएं शामिल हैं। यह दिखाता है कि भारत में नौकरी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।
हालांकि, इस चुनौती के बीच भारतीय प्रोफेशनल्स पीछे नहीं हट रहे, बल्कि तेजी से खुद को अपग्रेड कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 80% कर्मचारी नई स्किल्स सीखने में जुटे हुए हैं ताकि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बदलावों के साथ तालमेल बैठा सकें।
अब कर्मचारी अपने करियर की स्थिरता को सीधे अपनी सीखने की क्षमता से जोड़कर देख रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारतीय कर्मचारी मानते हैं कि उनके करीब 42% काम अब AI टूल्स को निर्देश देने से जुड़े हैं, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
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रिपोर्ट यह भी बताती है कि भविष्य में करियर ग्रोथ के लिए सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि प्रमाणित स्किल्स (verified credentials) ज्यादा अहम होती जा रही हैं। 10 में से 9 लोगों का मानना है कि बदलते जॉब मार्केट में स्किल्स का प्रमाण जरूरी है। पारंपरिक करियर पथ अब कम प्रासंगिक होते जा रहे हैं और उनकी जगह “लाइफलोंग लर्निंग” ले रही है।
वैश्विक स्तर पर भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बदलाव ला रहा है, लेकिन भारत के कर्मचारी इस बदलाव के साथ सबसे तेजी से खुद को ढाल रहे हैं। यह साफ है कि आने वाले समय में सफलता उन्हीं को मिलेगी जो लगातार सीखते रहेंगे और खुद को बदलते माहौल के अनुसार ढाल पाएंगे।