DU Admission: मैनेजमेंट कोर्सों के लिए अब इतने विषय जरूरी, यूनिवर्सिटी ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
Delhi University Management Courses: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने मैनेजमेंट कोर्सों में एडमिशन को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन कोर्सों के लिए निर्धारित विषयों की अनिवार्यता तय कर दी गई है।
- Written By: प्रीति शर्मा
कॉलेज स्टूडेंट्स (सौ. फ्रीपिक)
DU Admission 2026 New Rules: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू करते हुए नया इंफॉर्मेशन बुलेटिन जारी किया है। इस बार यूनिवर्सिटी ने मैनेजमेंट स्टीज से जुड़े कोर्सों के लिए प्रवेश नियमों को और अधिक कड़ा और विस्तृत बना दया है।
3 की जगह 4 विषयों का फॉर्मूला
डीयू में अब तक बैचलर इन मैनेजमेंट स्टडीज (BMS), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट एनालिसिस (BBA-FIA) और बीए ऑनर्स बिजनेस इकोनॉमिक्स (BBE) में दाखिले के लिए तीन विषयों के स्कोर देखे जाते थे। इनमें एक भाषा, गणित और जनरल टेस्ट शामिल थे।
लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब छात्रों को एक अतिरिक्त डोमेन विषय का स्कोर भी जोड़ना होगा। यानी अब भाषा, गणित, जनरल टेस्ट, एक डोमेन सब्जेक्ट के कुल स्कोर के आधार पर ही मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
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क्यों लिया गया फैसला
यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि केवल भाषा और गणित के आधार पर छात्र की योग्यता का पूरी तरह आकलन नहीं हो पाता। मैनेजमेंट और बिजनेस के क्षेत्र में गहरी समझ विकसित करने के लिए छात्र की डोमेन नॉलेज परखना भी अनिवार्य है। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो छात्र इन कोर्सों में आ रहे हैं वे अपने चुने हुए क्षेत्र की बुनियादी समझ रखते हों।
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छात्रों के लिए जरूरी सलाह डीयू के अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) का फॉर्म भरने से पहले नए एडमिशन बुलेटिन को बारीकी से पढ़ें। उम्मीदवारों को उन्हीं विषयों का चुनाव करना चाहिए जो उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़े हैं क्योंकि डीयू केवल उन्हीं डोमेन विषयों को स्वीकार करता है।
आगे क्या होगा
इस बदलाव से छात्रों को अब अपनी पढ़ाई की रणनीति बदलनी होगी। अब उन्हें जनरल टेस्ट के साथ-साथ अपने मुख्य विषयों पर भी समान ध्यान देना होगा। डीयू ने साफ किया है कि CUET परीक्षा संपन्न होने के बाद यूनिवर्सिटी अपना Common Seat Allocation System (CSAS) पोर्टल खोलेगी जहां छात्र अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
यह नया पैटर्न छात्रों को न केवल प्रवेश दिलाने में मदद करेगा बल्कि भविष्य में उनकी करियर प्लानिंग और प्रतियोगितात्मक क्षमता को भी मजबूत बनाएगा।
