कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: Meta AI)
Career in Business Analytics: आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में इंडस्ट्री और कंपनियों को ऐसे एक्सपर्ट्स की तलाश रहती हैं, जो उन्हें बिजनेस इनसाइट और स्ट्रैटेजिक सॉल्यूशन प्रदान कर सके। इसमें उनकी मदद बिजनेस एनालिस्ट करते हैं। जो फैक्ट्स और उपलब्ध डेटा का विश्लेषण कर कंपनी के लिए बिजनेस संबंधी नीतियां बनाने में मदद करते हैं। इन दिनों बिजनेस एनालिटिक्स ग्रेजुएट की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
आजकल युवा इंडस्ट्री की बारीकियों को समझने और टेक्निकल स्किल विकसित करने के लिए बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि इस फील्ड के प्रोफेशनल्स की मांग भारत ही नहीं विदेशों में भी है। अगर आपकी रूचि इस फील्ड में है, तो बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स करने के बाद अपने करिअर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा सकते हैं।
बिजनेस एनालिस्ट डेटा विश्लेषण के माध्यम से बिजनेस प्रोसेस, प्रोडक्ट्स, सेवाओं और सॉफ्टवेयर को बेहतर बनाने के लिए कंपनियों को गाइड करते हैं। ये प्रोफेशनल्स बिजनेस मॉडल देने के अलावा सेक्टर का अनुमान लगाते हैं। इससे कंपनियों को अहम निर्णयों को लेने में मदद मिलती है।
बिजनेस एनालिस्ट लॉजिकल रीजनिंग और आंकड़ों की अच्छी समझ के आधार पर स्टेक होल्डर्स के लिए बिजनेस एनालिसिस, बजटिंग, फोरकास्टिंग, प्लानिंग, प्राइसिंग और मॉनिटरिंग जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं। मोटे तौर पर कंपनी के अंदर डिसिजन मेकिंग प्रोसेस में सुधार की जिम्मेदारी बिजनेस एनालिस्ट पर होती है।
बिजनेस एनालिस्ट का काम कंपनी की ग्रोथ के लिए रणनीति तैयार करना होता है। वे बिजनेस में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बीच ब्रिज का काम करते हैं। आजकल बड़ी-बड़ी कंपनियां बिजनेस एनालिस्ट से कंसल्ट करने के बाद ही इस बात का फैसला करती हैं कि उन्हें किस सेक्टर में लॉन्च होना है और प्रोडक्ट्स या सेवाओं को किस कीमत पर पेश करना है।
इस काम के लिए डेटा एनालिटिक्स और मैनेजमेंट का प्रयोग होता है, ताकि कंपनी के हितों के अनुकूल फैसले लिए जा सकें। बिजनेस एनालिस्ट आंकड़ों, सॉफ्टवेयर और विभिन्न टूल्स के माध्यम से बिजनेस की परेशानियों को हल करते हैं।
बिजनेस एनालिस्ट का काम सीधे तौर पर क्लाईट से जुड़ा है। इसलिए उनमें कम्युनिकेशन स्किल होना आवश्यक है। अपने काम के लिए उन्हें डेटा रुझानों का विश्लेषण करना और रिपोर्ट करना होता है। इसलिए सिस्टम, प्रोडक्ट और टूल्स की सामान्य समझ भी जरूरी है।
इसके अलावा उम्मीदवार से अपेक्षा की जाती है कि उनमें समस्या को सरल बनाने की कला, हाई लेवल की सटीकता, ऑर्गनाइजेशन के हुनर, मॉडलिंग प्रोसेस, नेटवर्क, डेटाबेस और तकनीक की समझ हो।
बिजनेस एनालिस्ट बनने के लिए सबसे पहले कंप्यूटर, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट या कंप्यूटर प्रोग्रामिंग जैसे क्षेत्रों में बैचलर डिग्री हासिल करें। इसके बाद आपको व्यापार, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी या कंप्यूटर सिस्टम्स में मास्टर्स करना चाहिए। इससे उस फील्ड की गहरी समझ विकसित होती है।
इसके बाद इंडस्ट्री एक्सपीरियंस के साथ टेक्निकल सर्टीफिकेशन्स लेना चाहिए, क्योंकि कई कंपनियां एडिशनल सर्टीफिकेशन्स और अनुभव वाले कैंडिडेट को जॉब में तरजीह देते हैं। कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम के साथ बी. टेक या बीई कोर्स करने के लिए उम्मीदवार का फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है।
इसके बाद स्टूडेंट्स बिजनेस एनालिस्ट बनने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं या फिर एमबीए इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स कर सकते हैं। एमबीए कोर्स के दौरान आप आईटी फील्ड में जॉब कर सकते हैं। इससे एक्सपीरियंस बढ़ता है और बिजनेस एनालिस्ट बनने की राह आसान हो जाती है।
बिजनेस एनालिटिक्स का कोर्स करने वाले उम्मीदवारों को करियर की शुरुआत में 4 से 5 लाख रुपये का सालाना पैकेज मिलता है। IIM जैसे टॉप संस्थान से कोर्स करने वाले छात्रों का औसत सालाना पैकेज 6 लाख से 10 लाख रुपये तक हो सकता है।
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दो से तीन साल का एक्सपीरियंस होने के बाद मिड लेवल पर कमाई 10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है। वहीं, 8 से 10 साल के एक्सपीरियंस के बाद बिजनेस एनालिस्ट करीब 6 लाख रुपये महीना कमा सकता है। सीनियर लेवल पर एक्सपीरियंस कैंडिडेट 1.5 लाख से 10 लाख रुपये महीना कमा सकते हैं।