मोदी कैबिनेट का बड़ा दांव: सरकारी बॉन्ड्स पर इनकम टैक्स खत्म, विदेशी निवेशकों की चांदी, किसे होगा फायदा?

Income Tax Relief: केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में बड़ा बदलाव करते हुए विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड्स पर टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया है, ताकि देश में विदेशी पूंजी को तेजी से बढ़ाया जा सके।
Income Tax Relief: Cabinet Ends Capital Gains Tax On Govt Bonds For FPIs To Boost Foreign Funds Flow
इनकम टैक्स रिलीफ (सोर्स-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

New Income Tax Relief: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम कैबिनेट मीटिंग में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। सरकार ने अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के लिए इनकम टैक्स एक्ट में बड़े बदलाव को अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत अब विदेशी निवेशकों को भारतीय सरकारी बॉन्ड्स से होने वाली कमाई पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना होगा। राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी मिलते ही यह खास अध्यादेश देश भर में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी को और अधिक बढ़ाना तथा भारतीय बाजार को मजबूत करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से विदेशी निवेशक भारी संख्या में भारतीय प्रतिभूतियों की तरफ तेजी से आकर्षित होंगे। इसके अलावा आज भारतीय बाजार में सोने की कीमत 15527 रुपये प्रति ग्राम और चांदी की कीमत 262.44 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई है। इन नए आर्थिक बदलावों के साथ ही शेयर बाजार और सर्राफा बाजार के निवेशकों को भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की पूरी उम्मीद है।

विदेशी निवेश को बढ़ावा

सरकार के इस नए फैसले के तहत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों में किए गए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म होगा। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार विदेशी निवेशकों को 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए बॉन्ड पर भारी टैक्स देना होता है। अब लिस्टेड शेयरों और सरकारी बॉन्ड्स पर उन्हें 12.5% का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। यह नई टैक्स छूट भारी मात्रा में विदेशी निवेशकों और उनके फंड्स को देश की तरफ तेजी से आकर्षित करेगी।

टैक्स नियमों में बदलाव

इससे पहले विदेशी निवेशकों को सरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाले ब्याज पर 20% का विदहोल्डिंग टैक्स भी अलग से देना पड़ता था। इस भारी विदहोल्डिंग टैक्स पर मिलने वाली 5% की रियायती दर को सरकार ने साल 2023 में समाप्त कर दिया था। इस फैसले की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर टैक्स का आर्थिक बोझ बहुत ही ज्यादा बढ़ गया था। अब इस नए प्रावधान और विशेष अध्यादेश के लागू होने से विदेशी निवेशकों को एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

विदेशी निवेशकों को दी गई यह भारी छूट भारतीय शेयर बाजार को नई और मजबूत दिशा प्रदान करने का बड़ा काम करेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरान युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच यह फैसला अर्थव्यवस्था को एक बहुत बड़ा सहारा देने वाला है। इन नए और ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों से देश के अन्दर भारी मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने की भी पूरी संभावना है। सरकार अपनी इन नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था को दुनिया में सबसे मजबूत और बेहतर बनाने का लगातार प्रयास कर रही है।

विशेषज्ञों का साफ तौर पर मानना है कि इस अहम कदम से भारतीय बाजार में नई चमक और अपार ऊर्जा देखने को मिलेगी। विदेशी फंड्स का प्रवाह बढ़ने से रुपये की स्थिति भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ज्यादा मजबूत और स्थिर हो जाएगी। यह शानदार फैसला निवेशकों का भरोसा जीतने और बाजार में तरलता को बनाए रखने के लिए एक बेहतरीन मील का पत्थर साबित होगा। आने वाले दिनों में शेयर बाजार के सभी छोटे-बड़े निवेशकों को इस बड़े फैसले का सीधा और सकारात्मक लाभ आसानी से मिलेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com