Budget 2026: टैक्सपेयर्स की मौज! ITR फाइलिंग की तारीख बढ़ी, विदेश में पढ़ाई सस्ती, जानें बड़े ऐलान
Income Tax Relief: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। नए इनकम टैक्स एक्ट, ITR डेडलाइन विस्तार और TCS दरों में कटौती से मध्यम वर्ग को सीधा फायदा होगा।
- Written By: आकाश मसने
ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाई गई (सोर्स: सोशल मीडिया)
ITR Filing Deadline Extension 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026 पेश करते हुए देश के करोड़ों करदाताओं और आम नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इस वर्ष के बजट का मुख्य केंद्र टैक्स प्रणाली को सरल बनाना और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत पहुंचाना रहा है।
नया इनकम टैक्स एक्ट और ITR फाइलिंग में राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि देश में 1 अप्रैल 2026 से एक नया ‘इनकम टैक्स एक्ट’ लागू किया जाएगा। इस नए कानून का उद्देश्य आयकर से जुड़े नियमों को पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाना है। छोटे टैक्सपेयर्स के लिए सरकार ने एक विशेष स्कीम का प्रस्ताव रखा है, जिससे टैक्स अनुपालन की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।
वेतनभोगी वर्ग के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी ITR फाइलिंग की समय सीमा को लेकर आई है। अब आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। सरकार ने टैक्स फाइलिंग की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने के साथ-साथ फॉर्म्स को भी सरल किया है, जिससे लाखों करदाताओं को अंतिम समय की भागदौड़ से राहत मिलेगी।
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शिक्षा और इलाज के लिए विदेश पैसा भेजना हुआ सस्ता
बजट 2026 में उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं या जो विदेश में इलाज करा रहे हैं। उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत, शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर टीपीएस (TCS) की दर को 5 प्रतिशत से घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा, कारोबारियों के लिए भी स्पष्टता लाते हुए सरकार ने कहा है कि मानव संसाधन सेवाओं की आपूर्ति पर अब केवल 1% या 2% टीडीएस (TDS) लगेगा।
अर्थव्यवस्था की मजबूती और राजकोषीय लक्ष्य
सरकार ने विकास की गति को बनाए रखते हुए वित्तीय अनुशासन पर भी जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसे 2026-27 में और घटाकर 4.3 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
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राज्यों के विकास के लिए भी बड़ी राशि आवंटित की गई है। वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए की ग्रांट दी जाएगी। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2027 के लिए नेट बॉरोइंग (शुद्ध उधारी) 11.7 लाख करोड़ रुपए और डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 55.6 प्रतिशत तय किया गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वह वित्तीय स्थिरता के साथ देश के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहती है।
