(कॉन्सेप्ट फोटो)
Sensex Top-10 Companies Market Cap: मध्य पूर्व में तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। बीते हफ्ते देश की शीर्ष 10 में से सात कंपनियों का मार्केट कैप 1.75 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। 23-27 मार्च के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। इस दौरान निफ्टी 1.28 प्रतिशत या 294.90 अंक गिरकर 22,819.60 और सेंसेक्स 1.27 प्रतिशत या 949.74 अंक गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ।
टॉप-10 में जिन कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखी गई है। उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल है। वहीं, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और इन्फोसिस के मार्केटकैप में बढ़ोतरी देखी गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 89,720.3 करोड़ रुपये कम होकर 18,24,515.62 करोड़ रुपये हो गया है। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 37,248.59 करोड़ रुपये घटकर 11,64,018.69 करोड़ रुपये हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बाजार पूंजीकरण 35,399.42 करोड़ रुपये घटकर 9,41,569.15 करोड़ रुपये हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 8,121.76 करोड़ रुपये घटकर 8,83,551.30 करोड़ रुपये हो गया है।
पिछले कारोबारी हफ्ते में भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 2,480.42 करोड़ रुपये कम होकर 10,50,413.33 करोड़ रुपए हो गया है।हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,091.13 करोड़ रुपए कम होकर 4,87,540.19 करोड़ रुपए हो गया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण 271.35 करोड़ रुपए घटकर 8,64,668.65 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ एलएंडटी का मार्केटकैप 18,051.68 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,536.19 करोड़ रुपये था। बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 8,680.36 करोड़ रुपये बढ़कर 5,25,395.48 करोड़ रुपये और इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 6,245.3 करोड़ रुपये बढ़कर 5,15,034.67 करोड़ रुपये हो गया है।
इस हफ्ते भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। इसके बाद, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, एलएंडटी और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का स्थान है।
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भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। इस दौरान एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष (2026-27) की शुरुआत होगी। वहीं, ऑटो सेल्स, जीएसटी डेटा, कच्चे तेल की कीमत, एफआईआई के रुझान और मध्य पूर्व में तनाव से शेयर बाजार की चाल निर्धारित होगी। एक अप्रैल को सभी कंपनियां ऑटो सेल्स के आंकड़े जारी करेगी और सरकार जीएसटी संग्रह का डेटा पेश करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में मांग की स्थिति की जानकारी मिलेगी। इससे बाजार की चाल तय होगी।