Stock Market Today: औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, 900 अंक से अधिक लुढ़का सेंसेक्स, निफ्टी भी 270 अंक नीचे

Share Market Update: शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट रही; सेंसेक्स 946 अंक टूटा और निफ्टी 23,035 पर बंद हुआ। रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
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शेयर बाजार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Crash: भारतीय शेयर मार्केट में करोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। बीएसई का सेंसेक्स 946 अंक टूटकर 74,322 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई के बेंचमार्क निफ्टी 50 में 270 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,035 के स्तर पर बंद हुआ।

आज सुबह शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 389 अंक की गिरावट के साथ 74,883 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 ने 132 अंकों की कमी के साथ 23,173 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। अमेरिकी और ईरानी तनाव के बढ़ने से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। इस बीच, भारतीय रुपया पहली बार 94 प्रति अमेरिकी डॉलर के पार चला गया।

ग्लोबल मार्केट में भी भारी दबाव

अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई। डॉउ जोंस 469 अंक टूट गया, जबकि S&P 500 में 1.74% और नैस्डैक में 2.38% की गिरावट हुई। टेक्नोलॉजी शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा, जिसमें एनवीडिया, एएमडी, मेटा और अल्फाबेट के शेयर 3% से 8% तक टूटे। एशियाई बाजारों में भी बिकवाली का दबाव रहा। जापान का निक्केई 225 1.6% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.6% लुढ़क गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक सेंटीमेंट फिलहाल कमजोर बना हुआ है और निवेशक भू-राजनीतिक घटनाओं को लेकर सतर्क हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है, लेकिन ब्रेंट क्रूड अभी भी 107 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है, जो उभरते बाजारों के लिए नकारात्मक संकेत है। सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी है। गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय बाजार को ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘मार्केटवेट’ कर दिया है। निफ्टी 50 का 12 महीने का लक्ष्य 29,300 से घटाकर 25,900 कर दिया गया है।

क्या है निवेश को लेकर विशेषज्ञ की राय

मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, “मौजूदा सुधार कमजोर रह सकता है और पूरी तरह भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। तेल की कीमतों में नरमी और बातचीत के संकेतों से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन हालात तेजी से बदल सकते हैं।” निवेशक फिलहाल सतर्क हैं और बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच छोटे पैमाने पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

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