TCS में कर्मचारियों की छंटनी के ऐलान का असर, दो प्रतिशत तक टूटा कंपनी का शेयर
TCS Share Price: टीसीएस ने बताया कि कि कंपनी के अंदर बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। इसके एक हिस्से के रूप में संगठन से जुड़े उन सहयोगियों को भी मुक्त करेंगे जिनकी तैनाती संभव नहीं हो सकती है।
- Written By: मनोज आर्या
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, (फाइल फोटो)
TCS Share Price Today: देश के टेक दिगग्ज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में सोमवार को करीब दो प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी ने बताया है कि वह इस साल अपने 12,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। बीएसई पर शेयर 1.69 प्रतिशत गिरकर 3,081.20 रुपये पर आ गया। एनएसई में यह 1.7 प्रतिशत गिरकर 3,081.60 रुपये पर आ गया। भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी टीसीएस इस वर्ष अपने ग्लोबल वर्कफोर्स के लगभग 2 प्रतिशत या 12,261 कर्मचारियों की नौकरी से निकालने की घोषणा कर चुकी है, जिनमें से अधिकांश मीडिल और सीनियर ग्रेड के कर्मचारी होंगे।
हाल ही में कंपनी द्वारा जारी किए गए वित्त वर्ष 2025-26 के पहली तिमाही नतीजे के मुताबिक, 30 जून, 2025 तक टीसीएस में कुल 6,13,069 कर्मचारी काम कर रहे हैं।जून तिमाही में कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में 5,000 की वृद्धि की। टीसीएस ने एक बयान में कहा कि यह कदम कंपनी की भविष्य के लिए तैयार संगठन बनने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो प्रौद्योगिकी, एआई तैनाती, बाजार विस्तार और वर्कफोर्स को पुनर्गठन में निवेश पर केंद्रित है।
कंपनी के अंदर बदलाव की प्रक्रिया
टीसीएस ने बताया कि कि कंपनी के अंदर बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। इसके एक हिस्से के रूप में संगठन से जुड़े उन सहयोगियों को भी मुक्त करेंगे जिनकी तैनाती संभव नहीं हो सकती है। इसका प्रभाव हमारे ग्लोबल वर्कफोर्स के लगभग 2 प्रतिशत पर पड़ेगा। इस कवायद से वर्ष के दौरान मुख्यतः मीडिल और वरिष्ठ ग्रेड में तैनात कर्मचारी प्रभावित होंगे। टीसीएस प्रभावित कर्मचारियों को उचित लाभ, आउटप्लेसमेंट, परामर्श और सहायता प्रदान करेगी।
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टीसीएस ने क्यों उठाया यह कदम
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत की टॉप आईटी सर्विस कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में सिंगल डिजिट में रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो जून तिमाही के कुछ हद तक निराशाजनक रहने के बाद आई है, क्योंकि व्यापक आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक तकनीकी मांग पर दबाव पड़ा और ग्राहकों के निर्णय लेने में देरी हुई।
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टीसीएस सीईओ ने क्या कहा?
टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन ने रविवार को एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि तकनीक और व्यावसायिक संचालन में बदलाव इसकी वजह हैं। उन्होंने कहा कि हम नई तकनीकों, खासकर एआई और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव पर जोर दे रहे हैं। काम करने के तरीके बदल रहे हैं। हमें भविष्य के लिए तैयार और चुस्त रहने की जरूरत है। हम एआई का व्यापक रूप से उपयोग कर रहे हैं और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल का मूल्यांकन कर रहे हैं।’
