

West Bengal TMC Political Crisis: TMC में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को अचानक पार्टी के सभी पदों और राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा दे दिया। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। इस्तीफे के तत्काल बाद दिल्ली में TMC के लगभग 14 बागी लोकसभा सांसदों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक की। इस अहम बैठक के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
अब खबर आ रही है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के समक्ष एक नई मांग रखी है। TMC सांसदों के एक ग्रुप ने स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी को अलग संसदीय दल (ब्लॉक) का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही इसके अनुरूप अलग-अलग सीटों का आवंटन करने की मांग भी की है। बागू गुट ने साथ ही एनडीए में शामिल होने की इच्छा भी जाहिर की है।
सुखेन्दु शेखर रॉय के इस्तीफे के तुरंत बाद एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें कम से कम पांच टीएमसी सांसद उनके साथ बैठे हुए दिख रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि उस बैठक में शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), प्रसून बनर्जी (हावड़ा) जगदीश बसुनिया (कूचबिहार), कालिपद सोरेन (झारग्राम) और अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा) शामिल थे।
बता दें कि ये नया घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के विधायक दल के विद्रोह के महज कुछ दिन बाद आया है। हाल ही में 58 तृणमूल विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया और आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय को खारिज कर दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी।
इन घटनाक्रमों से साफ हो गया है कि टीएमसी के सांसद बागी हो गए हैं। अब बागी सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले हैं। टीएमसी के बागी सांसदों की नेता काकोली घोष ने PTI से बात करते हुए कहा कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला लिया है। काकोली घोष ने बताया कि 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजकर एनडीए के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई है।