
शेयर मार्केट, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Share Market Highlights: भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक या 0.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,065.75 और निफ्टी 173.60 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,867.30 पर था। सूचकांकों में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, रियल्टी, इंडिया डिफेंस, मेटल, फार्मा और हेल्थकेयर के साथ करीब सभी हरे निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में एसबीआई, टाइटन, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, इंडिगो, एमएंडएम, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स गेनर्स थे। दूसरी तरफ पावर ग्रिड, आईटीसी, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, टेक महिंद्रा और मारुति लूजर्स थे।
बाजार में तेजी की वजह भारत-अमेरिका का ट्रेड डील पर साझा बयान सामने आने को माना जा रहा है जो कि रविवार सुबह जारी हुआ था, जिसमें भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से कम होकर 18 प्रतिशत हो गया है। साथ ही, कई सामानों के निर्यात पर ड्यूटी को शून्य रखा गया है। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 938.45 अंक या 1.58 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,441.15 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 447.25 अंक या 2.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,385.90 पर बंद हुआ।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी, लेकिन शुरुआती कारोबार में ही बाजार में कुछ गिरावट देखने को मिली और बाद में एक सीमित दायरे में कारोबार किया और निफ्टी 25,867 पर बंद हुआ। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए रुकावट का स्तर 25,970 से 26,000 है। अगर निफ्टी इस स्तर को तोड़ता है तो निफ्टी 26,200 और 26,400 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में सपोर्ट 25,780 से लेकर 25,750 के बीच है।
यह भी पढ़ें: दुनिया देखेगी भारत का दम! G-20 देशों में सबसे तेज होगी इंडिया की रफ्तार, ग्लोबल रेटिंग एजेंसी का बड़ा दावा
संस्थागत विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कैश मार्केट में करीब 1950 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स मिलाकर नेट-नेट करीब 936 करोड़ रुपये की बिकवाली रही। वहीं घरेलू फंड्स ने लगातार चार दिन खरीदने के बाद करीब 1265 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। आज बाजार की दिशा तय करने में एफआईआई और डीआईआई फ्लो अहम रहने वाले हैं।






