Mutual Funds गिफ्ट करना हुआ आसान… अब सीधे करें ट्रांसफर, SEBI ने बदले नियम
MF Gifting Norms: SEBI ने म्यूचुअल फंड यूनिट्स को उपहार में देना सरल बनाया। अब बेचने और टैक्स दिए बिना सीधे यूनिट्स ट्रांसफर की जा सकती हैं, जिससे पूंजीगत लाभ टैक्स से छूट मिल सकती है।
- Written By: प्रिया सिंह
म्यूचुअल फंड यूनिट्स उपहार (सोर्स- सोशल मीडिया)
SEBI Eases Mutual Funds Gifting Norms: म्यूचुअल फंड्स में निवेश आज के समय में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसी के चलते, बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने निवेशकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब आप अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स को अपने प्रियजनों को आसानी से गिफ्ट दे सकते हैं। इस बदलाव से यूनिट्स को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है, जिससे निवेशकों को टैक्स में बड़ी राहत मिल सकती है।
म्यूचुअल फंड यूनिट्स को गिफ्ट करना हुआ बेहद आसान
बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेशकों को बड़ी राहत दी है। सेबी ने नियमों में बदलाव करते हुए, म्यूचुअल फंड यूनिट्स को गिफ्ट में देने की प्रक्रिया को काफी सरल और सुगम बना दिया है। पहले, जब निवेशक अपनी यूनिट्स को किसी और के नाम ट्रांसफर करना चाहते थे, तो उन्हें पहले उन यूनिट्स को बेचना पड़ता था। इस बिक्री पर उन्हें पूंजीगत लाभ (Capital Gain) टैक्स चुकाना पड़ता था, जिससे यह प्रक्रिया कठिन और महंगी हो जाती थी। अब नए नियमों के तहत, यूनिट्स को सीधे ट्रांसफर करना संभव हो सकेगा।
डीमैट और एसओए, दोनों यूनिट्स का होगा सीधा ट्रांसफर
पहले के नियमों में एक बड़ी रुकावट यह थी कि केवल डीमैट (Demat) फॉर्म वाली यूनिट्स को ही ट्रांसफर करना आसान था। लेकिन अब यह सुधार ‘स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट’ (SOA) के रूप में रखी गई यूनिट्स पर भी लागू होगा। इसका मतलब है कि चाहे आपकी यूनिट्स डीमैट खाते में हों या भौतिक (Physical) फॉर्म में, आप उन्हें आसानी से गिफ्ट कर सकेंगे। यह नया नियम न सिर्फ उपहार देने के लिए, बल्कि विरासत (Inheritance) सौंपने और यूनिट्स में संयुक्त धारक (Joint Holder) का नाम जोड़ने या हटाने के लिए भी लागू होगा, जिससे कागजी कार्यवाही काफी कम हो जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market Crash: सेंसेक्स 79019 पर खुला, आईटी शेयरों में भारी नुकसान से निफ्टी भी टूटा
Share Market Rises: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद से शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 408 अंक चढ़ा
दुनिया में मंदी का डर, फिर भी नंबर 1 भारत! GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान, UN ने भारत पर क्या भविष्यवाणी की?
Wheat Export: केंद्र सरकार ने दी 25 लाख टन गेहूं निर्यात की मंजूरी, 50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचा यह आंकड़ा
टैक्स बचत का बड़ा अवसर
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, सेबी का यह कदम टैक्स प्लानिंग के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। मान लीजिए किसी निवेशक को म्यूचुअल फंड में अच्छा खासा मुनाफा (Gain) हुआ है। अब वह इन मुनाफे वाली यूनिट्स को अपने परिवार के किसी सदस्य, जैसे माता-पिता या वयस्क बच्चे को गिफ्ट कर सकता है, जिनकी आय टैक्स छूट की सीमा में आती है।
अंतरराष्ट्रीय टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को 10 लाख रुपये का गेन हुआ है और वह इसे अपने ऐसे वयस्क बेटे या बेटी को गिफ्ट करता है जिसकी कोई आमदनी नहीं है, तो पूरा गेन टैक्स-फ्री हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्राप्तकर्ता धारा 87ए (Section 87A) के तहत छूट सीमा का लाभ उठा सकता है। यह सुधार उन भारतीय परिवारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो म्यूचुअल फंड को अपनी संपत्ति का एक अहम हिस्सा मानते हैं।
यह भी पढ़ें: GST Collection: जीएसटी रेट कट का दिखा असर, नवंबर में 0.7% उछलकर 1.69 लाख करोड़ पहुंचा कलेक्शन
लंबे समय से थी इस सुधार की मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूचुअल फंड यूनिट्स को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पुराने नियमों के कारण, लोग पूंजीगत लाभ टैक्स के डर से अपने प्रियजनों को यूनिट्स गिफ्ट करने से हिचकिचाते थे। यह बदलाव गिफ्टिंग और विरासत जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रक्रियाओं में आ रही सबसे बड़ी रुकावट को दूर करता है। सेबी का यह कदम म्यूचुअल फंड निवेश को न केवल आसान बनाएगा, बल्कि पारिवारिक वित्तीय प्रबंधन को भी सुगम बनाएगा।
