Stock Market Crash: सेंसेक्स 588 अंक टूटा, निफ्टी भी कमजोर; बैंकिंग-रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखी गई, जहां सेंसेक्स करीब 600 अंक फिसल गया। वैश्विक युद्ध के तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
- Written By: नवभारत डेस्क
स्टॉक मार्केट (फोटो-सोशल मीडिया)
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र बेहद निराशाजनक रहा। दोपहर के सत्र तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 588 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,427 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 154 अंक या 0.62 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,612 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस गिरावट ने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए हैं।
बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
आज की गिरावट का नेतृत्व मुख्य रूप से बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों ने किया। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.85 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 1.31 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, सर्विसेज और कंजप्शन सेक्टर के शेयरों में भी भारी दबाव देखा गया। हालांकि, बाजार के इस उतार-चढ़ाव के बीच डिफेंस, एनर्जी, पीएसई, ऑयल एंड गैस और मेटल इंडेक्स हरे निशान में बने रहे, जिससे बाजार को थोड़ा सहारा मिला।
गिरावट के पीछे ‘ग्लोबल वॉर’ का साया
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे प्रमुख कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता युद्ध का तनाव है। मध्य पूर्व में युद्ध के लंबा खिंचने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) के बाधित होने का जोखिम पैदा हो गया है। इस अनिश्चितता ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, जिससे वे जोखिम वाले एसेट्स (इक्विटी) से पैसा निकाल रहे हैं।
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कच्चे तेल में उबाल होने से सुरक्षित निवेश की ओर झुकाव
युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 80.39 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 84.84 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। इसी तनाव के बीच निवेशकों ने ‘सेफ हेवन’ यानी सोने और चांदी का रुख किया है। कॉमेक्स पर सोना 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तरों पर है, वहीं चांदी में भी करीब 3 प्रतिशत की मजबूती देखी गई है।
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FII की बिकवाली और अमेरिकी बाजार का असर
घरेलू कारणों के साथ-साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। पिछले सत्र में ही एफआईआई ने 3,752.52 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। इसके अलावा, अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट ने भी भारतीय बाजार का उत्साह ठंडा कर दिया है। गुरुवार को अमेरिकी सूचकांक डाओ जोंस 1.61 प्रतिशत और नैस्डैक 0.26 प्रतिशत गिरकर बंद हुए थे, जिसका सीधा असर आज सुबह से ही भारतीय दलाल स्ट्रीट पर नजर आ रहा है।
