Share Market में कोहराम… ईरान-इजरायल युद्ध के साये में सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निवेशकों में डर
Sensex Nifty Fall: वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 400 अंक से अधिक टूटा, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
Indian Share Market Global Tension Impact: आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बहुत निराशाजनक रही और चारों तरफ बिकवाली का माहौल देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के तनाव ने निवेशकों को काफी डरा दिया है। अमेरिकी बाजार में आई बड़ी गिरावट और कच्चे तेल की धधकती कीमतों ने घरेलू बाजार पर भी गहरा दबाव बनाया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक लाल निशान के साथ खुले और गिरावट का सिलसिला सुबह से ही जारी रहा।
ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध की खबरों ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में खलबली मचा दी है जिससे निवेशकों ने सुरक्षित ठिकानों का रुख किया है। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार का डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 800 अंक गिरकर बंद हुआ जिसका सीधा असर आज सुबह भारतीय बाजार पर पड़ा। एशियाई बाजारों में भी जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे जिसने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 356 अंकों की गिरावट के साथ 79658 पर खुला और देखते ही देखते यह 404 अंक तक लुढ़क गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरावट का शतक लगाते हुए 102 अंकों के नुकसान के साथ 24663 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस उठापटक के बीच केवल आईटी सेक्टर की कुछ कंपनियों जैसे इंफोसिस और टीसीएस में ही मामूली हरियाली नजर आई।
सम्बंधित ख़बरें
India GCC Relations: भारत के लिए क्यों खास हैं ‘GCC’ देश? आसान भाषा में जानिए इस संगठन की ताकत और अहमियत
Gold-Silver Rate Today: आज सोने की कीमतों में 1600 रुपये का उछाल, चांदी भी चमकी, जानिए आज का ताजा भाव
Share Market में रिकॉर्ड ओपनिंग: सेंसेक्स 1000 अंक मजबूत, निफ्टी भी 292 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाकर 23453 पर
SIP Investment: 30 साल के आंकड़ों से खुलासा, जानें किस तारीख को एसआईपी करने से मिलेगा भारी रिटर्न
बढ़ता तनाव और कच्चे तेल का डर
कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को और ज्यादा हवा दे दी है जिससे बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह बिगड़ गया। हालांकि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए अमेरिका से मिली अस्थायी राहत एक अच्छी खबर है लेकिन युद्ध का डर इस पर भारी पड़ा। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य-पूर्व का संघर्ष और बढ़ा तो आने वाले दिनों में बाजार में और भी बड़ी गिरावट आएगी।
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट संकट से दहला ग्लोबल मार्केट: कच्चा तेल $83 के पार, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बढ़ी बेचैनी
निवेशकों के लिए आगे की राह
कल की शानदार बढ़त के बाद आज की इस भारी गिरावट ने छोटे निवेशकों को काफी परेशान कर दिया है और वे अपनी पूंजी बचाने में लगे हैं। जानकारों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते तब तक बाजार में ऐसी ही अस्थिरता और उतार-चढ़ाव देखने को मिलता रहेगा। इस समय सावधानी बरतने और केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही लंबी अवधि के लिए निवेश करने की सलाह विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है।
