मुकेश अंबानी ने तैयार किया मास्टरप्लान, इस सेक्टर पर है नजर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी की मिडिल क्लास सेगमेंट में पहुंच बढ़ाने के लिए एफएमसीजी सेक्टर में एंट्री लेने का फैसला लिया है। जिसके लिए कंपनी ने योजना भी तैयार कर ली हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी की मिडिल क्लास सेगमेंट में पहुंच बढ़ाने के लिए एफएमसीजी सेक्टर में एंट्री लेने का फैसला लिया है। जिसके लिए कंपनी ने योजना भी तैयार कर ली हैं।
एफएमसीजी सेक्टर (सौ. डिजाइन फोटो )
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एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी ने अपनी कंपनी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने देश के छोटे गांवों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए कमर कस ली हैं। इसके लिए कंपनी ने बहुत जबरदस्त प्लान भी तैयार कर लिया है। मुकेश अंबानी जिनका देश के कई सेक्टर में बोलबाला है, अब उनकी नजर देश के एफएमसीजी सेक्टर पर हैं, जिसके जरिए वो घर-घर में पहुंच बना सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके लिए कंपनी एफएमसीजी सेक्टर में सस्ते प्रोडक्ट्स को लेकर आने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि दूसरी ओर देश में पहले से ही एचयूएल, आईटीसी, नेस्ले और डाबर जैसी मैक्सिमम कंपनियां अपने ज्यादा प्रॉफिट के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रही हैं। इसके साथ ही मुकेश अंबानी की कंपनी देश के छोटे गांवों और कस्बों तक पहुंच बढ़ाना चाहते हैं।

60 करोड़ की कमाई का टारगेट

रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी कृष्णकुमार ने कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की नजर 60 करोड़ कस्टमर्स पर हैं। कंपनी वहां आस-पास की दुकानों के साथ मिलकर काम करना चाहती है और उन्हें अच्छा मार्जिन देना चाहती हैं। इसपर कृष्णकुमार ने एक इंटरव्यू में ये भी कहा है कि भारत की जनसंख्या लगभग 1.4 अरब हैं। जिसमें सबसे ज्यादा मिडिल क्लास सेगमेंट के परिवार हैं। हम लगभग 60 करोड़ लोगों के लिए अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट्स बनाना चाहते हैं। अब डिफेंस सेक्टर में धमाल मचाएंगे अनिल अंबानी, जर्मनी के साथ की ये बिजनेस डील

10 लाख दुकानों तक पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य

वित्त वर्ष 2025 में आरसीपीएल ने टोटल 11,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है, जिससे 60 प्रतिशत से ज्यादा जनरल ट्रेड से आया है। कंपनी ने ऐलान किया है कि कैंपा और इंडिपेंडेंस दोनों की सेल में 1,000 करोड़ रुपये और टोटल मिलाकर 10 लाख दुकानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। जिसको लेकर कृष्ण कुमार ने कहा है कि हमें एक सप्लाई चेन बनाने की जरूरत है। पिछले साल के आखिर तक हमारे पास बेवरेज और स्टेप्लस में मार्केट की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत थी। साथ ही मार्च 2026 तक इस आंकड़े 60 से 70 प्रतिशत तक लेकर जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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