‘Dead Economy’ की टिप्पणी पर गरजे RBI गवर्नर, डोनाल्ड ट्रंप को सुनाई खरी-खोटी; जानें पूरा मामला
India US tension: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को "मरी हुई" बताकर उस पर तंज कसा और 25% आयात शुल्क लगाने की बात कही। इसके जवाब में आरबीआई गवर्नर ने भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताया और...
- Written By: अमन उपाध्याय
Dead Economy को लेकर ट्रंप पर बोले RBI गवर्नर संजय मल्होत्र, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Donald Trump on Indian economy: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत की अर्थव्यवस्था को “मृत अर्थव्यवस्था” करार देते हुए आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वस्तुओं पर 25% आयात शुल्क लगाया जाएगा। साथ ही, भारत द्वारा रूस से सैन्य उपकरण और कच्चा तेल खरीदने को लेकर उन्होंने अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात भी कही।
इस पर जवाब देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 अगस्त को मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद उसका भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान बरकरार है।
भारत की विकास प्रक्रिया पर असर
गवर्नर मल्होत्रा ने ट्रंप द्वारा टैरिफ को लेकर दिए गए बयान पर चिंता जाहिर की और कहा कि वैश्विक व्यापार में इस तरह की अस्थिरता भारत की विकास प्रक्रिया पर असर डाल सकती है। गौरतलब है कि ट्रंप ने अप्रैल 2025 में भारत पर 27% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जिसे बाद में 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था।
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हालांकि, अब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 25% आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्होत्रा ने कहा कि यह निर्णय भारत के निर्यात पर असर डाल सकता है, क्योंकि इससे भारतीय सामान महंगे हो जाएंगे और वैश्विक बाज़ार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भारत की मज़बूत आर्थिक नींव ऐसे बाहरी दबावों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।
भारत की अर्थव्यवस्था को कई कारक दे रहे हैं मजबूती
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर मल्होत्रा का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाए रखने में कई सकारात्मक कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनमें अनुकूल वर्षा, नियंत्रित मुद्रास्फीति, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और संतुलित वित्तीय प्रणाली शामिल हैं। साथ ही, सरकार की ओर से पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी और ठोस नीतिगत निर्णय भी आर्थिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि सेवा क्षेत्र, विशेषकर निर्माण और व्यापार, में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। ट्रंप के टैरिफ निर्णय से भले ही वैश्विक व्यापार में अस्थिरता आ सकती है लेकिन भारत की घरेलू मांग और स्थिर आर्थिक रणनीतियाँ देश को प्रभावित नहीं होने देंगी।
भारत की अर्थव्यवस्था ‘मृत’ नहीं, बल्कि जीवंत है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘Dead Economy’ वाले बयान का जवाब देते हुए मल्होत्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल सक्रिय और गतिशील है, बल्कि लगातार विकास के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारत अपनी मजबूत नीतियों और आंतरिक क्षमताओं के बल पर आगे बढ़ता रहेगा।तिमाही आधार पर अनुमानित वृद्धि दर का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में 6.5%, दूसरी में 6.7%, तीसरी में 6.6% और चौथी में 6.3% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान है।
