भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद के बीच PM मोदी की अहम बैठक, वित्त मंत्री समेत 7 मंत्री होंगे शामिल

PM Modi: यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों के निर्यात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने और रूस से तेल खरीद की वजह से 27 अगस्त से इस टैरिफ को दोगुना करने की योजना के बाद हो रही है।
PM Modi called an important meeting amid US tariff dispute
केंद्रीय मंत्रियों के साथ पीएम मोदी, (फाइल फोटो)
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PM Modi Called Meeting On US tariff Dispute: अमेरिका और भारत में जारी टैरिफ विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार, 18 अगस्त को टॉप इकोनॉमिक बॉडी की एक बैठक बुलाई है। पीएम खुद इस मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। पीएमओ के करीबी सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ के बीच देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए आर्थिक सलाहकार परिषद (Economic Advisory Council) की मीटिंग करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर होने वाली इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अलग-अलग मंत्रालय के सात केंद्रीय मंत्रियों की इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है।

EAC की बैठक क्यों इतनी अहम?

इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की बैठक इसलिए अहम है क्योंकि यह चीनी विदेश मंत्री वांग यी की आज से शुरू हो रही दो दिवसीय भारत यात्रा के साथ मेल खाती है।यह बैठक विदेश मंत्री एस जयशंकर की रूस यात्रा से कुछ दिन पहले हो रही है, क्योंकि भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता के बीच बीजिंग और मॉस्को के साथ संबंधों को बढ़ाना चाहता है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत द्वारा अमेरिका को निर्यात की जाने वाली सभी वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने और रूस से तेल खरीद की वजह से 27 अगस्त से इस टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने की योजना के बाद हो रही है। इन टैरिफ से गहने, कपड़े और जूते जैसे 40 अरब अमेरिकी डॉलर के भारतीय निर्यात प्रभावित होने की आशंका है।

अमेरिकी टीम का भारत दौरा टला

इससे पहले, प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA ) के छठे दौर की बैठक वॉशिंगटन से एक ट्रेड टीम के नई दिल्ली दौरे को स्थगित करने की वजह से रोक दी गई थी। यह वार्ता 25 से 29 अगस्त तक होनी थी। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस दौरे को पुनर्निर्धारित किए जाने की संभावना है।

भारत के कृषि क्षेत्र को खोलने का दबाव बना रहा अमेरिका

अमेरिका, नई दिल्ली पर कृषि और डेयरी जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को खोलने का भी दबाव बना रहा है। भारत ने ऐसी रियायतों से साफ इनकार करते हुए तर्क दिया है कि इससे छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका को खतरा है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय निर्यात पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस स्पीच में स्वदेशी उत्पादों की ओर रुख करने की बात कही और किसानों-मछुआरों के साथ एकजुटता जाहिर की।

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