NPS Vatsalya में बड़े बदलाव (सोर्स- AI डिज़ाइन)
NPS Vatsalya withdrawal rules 2026 PFRDA changes: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने बच्चों के लिए शुरू की गई विशेष पेंशन योजना ‘NPS वात्सल्य’ में जनवरी 2026 से महत्वपूर्ण बदलाव लागू कर दिए हैं। इन नए संशोधनों का प्राथमिक उद्देश्य अभिभावकों को अधिक लचीलापन प्रदान करना और बच्चों के भविष्य के लिए एक बड़ा और सुरक्षित फंड तैयार करना है।
अब इस योजना में निवेश के विकल्पों को और अधिक आकर्षक बनाया गया है, जिससे लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज (compounding) का अधिकतम लाभ मिल सके। सरकार द्वारा किए गए ये सुधार न केवल निवेश प्रक्रिया को सरल बनाएंगे, बल्कि संकट के समय धन की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेंगे।
नए नियमों के अनुसार, अभिभावक अब अपने बच्चे के निवेश का 75 प्रतिशत तक हिस्सा सीधे इक्विटी (शेयर बाजार) में आवंटित कर सकते हैं। यह बदलाव उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो आक्रामक निवेश के जरिए भविष्य में अपने बच्चों के लिए करोड़ों का फंड खड़ा करना चाहते हैं। पहले की तुलना में अब फंड मैनेजरों को अधिक स्वतंत्रता दी गई है ताकि वे बाजार के उतार-चढ़ाव का लाभ उठाकर बेहतर रिटर्न दे सकें।
PFRDA ने आंशिक निकासी (partial withdrawal) की प्रक्रिया को अब और भी पारदर्शी और सुलभ बना दिया है ताकि शिक्षा या बीमारी जैसे महत्वपूर्ण समय में पैसे की कमी न हो। अब खाता खोलने के तीन साल बाद ही अभिभावक बच्चे की उच्च शिक्षा या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कुल योगदान का 25% तक निकाल सकेंगे। योजना की पूरी अवधि के दौरान कुल तीन बार ऐसी निकासी की अनुमति दी जाएगी, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
जब बच्चा वयस्क (18 वर्ष) हो जाएगा, तो उसे अपने खाते के प्रबंधन के लिए तीन महीने के भीतर नया KYC कराना अनिवार्य होगा। वयस्क होने पर खाताधारक के पास अब यह विकल्प होगा कि वह 80% राशि एकमुश्त निकाल ले और शेष 20% को एन्युटी (पेंशन) के लिए सुरक्षित रखे। अगर बच्चे के खाते में कुल जमा राशि ₹8 लाख से कम है, तो PFRDA ने पूरी राशि एक साथ निकालने की अनुमति भी दे दी है।
बजट 2025-26 के नए प्रावधानों के तहत NPS वात्सल्य में किए गए निवेश पर धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट का लाभ मिलेगा। यह छूट धारा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के ऊपर होगी, जो अभिभावकों के लिए दोहरी बचत का अवसर लेकर आई है। यह लाभ विशेष रूप से उन वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए है जो पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का विकल्प चुनते हैं।
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योजना को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए PFRDA ने अब सभी पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के लिए कड़े सेवा मानक तय किए हैं। खातों के प्रबंधन के लिए लगने वाले शुल्क (AUM charges) को भी युक्तिसंगत बनाया गया है ताकि छोटे निवेशकों पर अधिक बोझ न पड़े। इन बदलावों के साथ, NPS वात्सल्य अब सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पारंपरिक योजनाओं के सामने एक मजबूत और अधिक रिटर्न देने वाले विकल्प के रूप में उभरी है।
Ans: नए नियमों के अनुसार, खाता खोलने के 3 वर्ष बाद बच्चे की शिक्षा या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए आप कुल योगदान का 25% तक निकाल सकते हैं।
Ans: हां, यदि कुल जमा कॉर्पस ₹8 लाख या उससे कम है, तो आप 100% राशि एकमुश्त निकाल सकते हैं। ₹8 लाख से अधिक होने पर 80% एकमुश्त और 20% एन्युटी में रखना होगा।
Ans: हां, आप अपने निवेश का अधिकतम 75% हिस्सा इक्विटी में आवंटित कर सकते हैं, जिससे लंबी अवधि में फंड बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
Ans: अभिभावकों को प्रति वर्ष कम से कम ₹1,000 का निवेश करना अनिवार्य है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
Ans: क्या NPS वात्सल्य पर अतिरिक्त टैक्स लाभ मिलता है?