जूनियर कर्मचारी से प्रेम करना CEO को पड़ा भारी, दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी ने नौकरी से निकाला

Nestl CEO Sacked: नेस्ले के चेयरमैन पॉल बुल्के ने कहा कि यह फैसला कंपनी की 'वैल्यूज और गवर्नेंस' के लिए जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अपनी मौजदूा बिजनेस स्ट्रैटेजी और टारगेट्स से भटकेगी नहीं।
Nestl CEO Laurent Freixe dismissed over undisclosed romantic relationship with subordinate
लॉरेंट फ्रेक्स, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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Nestle CEO Laurent Freixe Sacked: दुनिया की सबसे बड़ी फूड कंपनी नेस्ले ने अपने सीईओ लॉरेंट फ्रेक्स को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी को एक जांच में पता चला है कि उनका अपनी एक जूनियर कर्मचारी के साथ प्रेम संबंध था, जिसके बारे में उन्होंने कंपनी को जानकारी नहीं दी थी। यह एक्शन कंपनी के 'कोड ऑफ बिजनेस कंडक्ट' का उल्लंघन करने के कारण की गई है।

न्यूज एंजेसी रायटर्स के अनुसार, इस मामले की जानकारी सबसे पहले कंपनी की इंटर्नल व्हिसलब्लोइंग (Whistleblowing) चैनल के जरिए सामने आई। हालांकि, शुरुआती जांच में कुछ भी साबित नहीं हो सका। लेकिन, बार-बार शिकायत आने पर कंपनी ने बाहरी एक्सपर्ट्स की मदद से दोबारा जांच कराना शुरू किया। जिसमें यह बात सामने आई कि फ्रेक्स ने शुरू में ही बोर्ड को इस रिश्ते के बारे में सच बताने की जगह झूठ बोला था।

नेस्ले के नए सीईओ बने फिलिप नवरातिल

बता दें कि इन विवादों के बीच लॉरेंट फ्रेक्स के जाने के बाद अभ फिलिप नवरातिल (Philipp Navratil) को कंपनी का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। नवरातिल नेस्ले के अंदर से तैयार हुए एक अनुभवी बिजनेस लीडर हैं और वे पिछले 24 साल से कंपनी के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले वे नेस्प्रेसो डिवीजन का कमान संभाल रहे थे।

कंपनी के साथ 40 साल से जुड़े थे लॉरेंट फ्रेक्स

नेस्ले के साथ लॉरेंट फ्रेक्स की करियर की बात करें तो वे लगभग 40 साल साल से जुड़े थे। उन्होंने सितंबर 2024 में कंपनी के सीईओ की कमान संभाली थी। उन्होंने नेस्ले को यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे कई बड़े बाजारों में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें एक नैचुरल लीडर के तौर पर जाना जाता था और युवाओं के लिए 'नेस्ले नीड्स यूथ' जेसै अभियान भी शुरू किए थे। कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि लॉरेंट फ्रेक्स को नौकरी से निकाले जाने पर कोई भी एक्जिट पैकेस या मुआवजा नहीं दिया जाएगा।

नेस्ले के चेयरमैन ने क्या कहा?

इस मामले पर बात करते हुए नेस्ले के चेयरमैन पॉल बुल्के ने कहा कि यह फैसला कंपनी की 'वैल्यूज और गवर्नेंस' के लिए जरूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अपनी मौजदूा बिजनेस स्ट्रैटेजी और टारगेट्स से भटकेगी नहीं।

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