अमेरिका के बाद अब मेक्सिको ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ, लोकल इंडस्ट्री को मजबूत करने का दावा
Mexico Tariff India: मेक्सिको ने भारत समेत एशियाई देशों पर 50% टैरिफ लगाया। यह टैरिफ ऑटो, टेक्सटाइल, स्टील जैसे सामानों पर लागू होगा। मेक्सिको ने लोकल इंडस्ट्री को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया।
- Written By: प्रिया सिंह
मेक्सिको ने भारत समेत एशियाई देशों पर 50% टैरिफ लगाया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mexico 50 Percent Tariff: एक बड़ा व्यापारिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां अमेरिका के बाद अब मेक्सिको ने भारत समेत कई एशियाई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। मेक्सिको की सीनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत, ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल और स्टील जैसे कई सामानों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा। मेक्सिको सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को सस्ते आयात से बचाकर उन्हें मजबूत करना है।
50% टैरिफ का झटका, किन सामानों पर असर?
मेक्सिको द्वारा 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने के फैसले से भारत और चीन जैसे उन एशियाई देशों को करारा झटका लगेगा, जिनका मेक्सिको के साथ कोई मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Deal) नहीं है। मेक्सिको की सीनेट में पास हुए इस प्रस्ताव के तहत, मुख्य रूप से ऑटो, ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, कपड़े, प्लास्टिक और स्टील जैसे सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा, ज्यादातर अन्य सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 35 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
सरकार ने तर्क दिया है कि सस्ते आयात के कारण उनकी स्थानीय कंपनियों पर जो दबाव पड़ रहा था, वह अब कम होगा और घरेलू इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी। हालांकि, यह कदम चीन और मेक्सिको के लोकल बिजनेस ग्रुप्स के विरोध के बावजूद उठाया गया है, जो मेक्सिको की व्यापार नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत विशेष: व्यापार समझौते से विकास की नई शुरुआत, आज भारत विश्वसनीयता की स्थिति के साथ करता है वार्ता
दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था की रेस में पिछड़ा भारत, ब्रिटेन फिर निकला आगे; जानें क्या है बड़ी वजह
Middle East तनाव के बीच भारत का डंका, इस साल 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था
ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन’ का दावा! यूरेनियम संवर्धन पर ट्रंप ने लगाया रोक, कहा- हथियार देने वालों पर 50% टैरिफ
पहले 1400 सामानों पर टैरिफ बढ़ाने का था प्रस्ताव
शुरुआत में, मेक्सिको के प्रस्ताव में लगभग 1,400 इंपोर्ट लाइनों पर टैरिफ बढ़ाने की बात कही गई थी, लेकिन सीनेट से पास हुए नए ड्राफ्ट में थोड़ी नरमी बरती गई है। नए प्रस्ताव में इन लाइनों में से दो-तिहाई पर ड्यूटी कम कर दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मेक्सिको को यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) की समीक्षा का सामना करना पड़ेगा, जो 1 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली है।
USMCA और टैरिफ की समीक्षा
USMCA, अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता है जो 1 जुलाई 2020 से लागू हुआ था। समझौते के आर्टिकल 34.7 के अनुसार, हर छह साल में इस समझौते की समीक्षा (रिव्यू) होना जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह तीनों ही देशों के लिए फायदेमंद बना रहे। अगर समीक्षा में यह समझौता सफल रहता है, तो इसे 2036 तक बढ़ाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: Share Market की मिली-जुली शुरुआत, प्री ओपनिंग में सेंसेक्स चढ़ा और निफ्टी टूटा
मेक्सिको के इस नए टैरिफ ने उन देशों के निर्यातकों (Exporters) के लिए आयात की लागत काफी बढ़ा दी है, जिससे भारत, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देश प्रभावित होंगे। यह फैसला मेक्सिको की आगामी व्यापारिक चुनौतियों के लिए तैयारी करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
