Japan Illegal Mosque: जापान में अवैध मस्जिद निर्माण पर बवाल, विवादों में घिरी पाकिस्तान सरकार
Japan Illegal Mosque: जापान में अवैध मस्जिद विवाद गहरा गया है। पाकिस्तानियों ने साइतामा के पहाड़ी वन क्षेत्र में 4500 वर्ग मीटर जमीन पर बिना अनुमति मस्जिद बना दी जिसमें पाक राजदूत भी शामिल हुए।
- Written By: प्रिया सिंह
अवैध मस्जिद (सोर्स-सोशल मीडिया)
Japan Illegal Mosque Controversy: जापान के साइतामा प्रांत में एक मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मस्जिद बिना किसी स्थानीय और सरकारी अनुमति के बिल्कुल गैरकानूनी तरीके से बनाई गई है। जापानी अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह निर्माण उनके सख्त स्थानीय कानूनों के बिल्कुल खिलाफ है। इस विवादित और गैरकानूनी मस्जिद के भव्य उद्घाटन समारोह में खुद पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद शामिल हुए थे। इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद अब जापान में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान का दूतावास अब इस पूरे मामले में अपना बचाव करने और अपनी सफाई देने में पूरी तरह से जुटा है।
वन भूमि पर कब्जा और मस्जिद निर्माण
यह विवादित मस्जिद साइतामा प्रांत के कावागोए शहर में करीब 4,500 वर्ग मीटर की एक बहुत बड़ी जमीन पर बनी है। इस पूरी जमीन को जापान सरकार ने विशेष रूप से पहाड़ी वन भूमि के रूप में सख्ती से आरक्षित किया हुआ है। यह क्षेत्र नियंत्रित शहरी विकास क्षेत्र में आता है जहां कोई भी निर्माण कार्य करना सख्त तौर पर मना है।
इस आरक्षित वन भूमि पर निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन से विशेष और पूर्व मंजूरी लेना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि इस मस्जिद का निर्माण बिना किसी भी जरूरी अनुमति के अवैध रूप से किया गया। इसके बाद जापानी अधिकारियों ने इस पूरे अवैध निर्माण पर बहुत ही सख्त नाराजगी और गहरी चिंता व्यक्त की है।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान संकट पर अमेरिका का बड़ा खुलासा: चीन ने नहीं दी कोई सैन्य मदद, रुबियो ने बीजिंग से की समर्थन की अपील
Venezuela President डेल्सी रोड्रिगेज अपने 5 दिवसीय भारत दौरे पर, ऊर्जा और व्यापार रहेगा मुख्य उद्देश्य
सऊदी अरब में भारत के अगले राजदूत होंगे विपुल, सुहैल खान की लेंगे जगह; जानें उनका शानदार करियर ग्राफ
मोसाद चीफ बदलते ही इजरायली पीएम के बदले तेवर, ईरान को चेतावनी- दोबारा हमारे अस्तित्व के लिए नहीं बनेगा खतरा
पाकिस्तानी राजदूत की भूमिका
यह पूरा मामला तब और ज्यादा तूल पकड़ गया जब इस विवादित मस्जिद का एक भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जापान में तैनात पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल हमीद ने व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया था। उनके शामिल होने से यह स्थानीय विवाद एक बड़े कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे में पूरी तरह से बदल गया।
याशियो मस्जिद से जुड़े 62 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक शकील शेख मोहम्मद ने भी इस कृत्य की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि बिना अनुमति के इस तरह से कोई भी मस्जिद बनाना बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है। उन्होंने माना कि स्थानीय लोगों से अच्छे संबंध बनाकर ही मस्जिद के लिए उचित और अच्छा माहौल बन सकता है।
यह भी पढ़ें: Venezuela President डेल्सी रोड्रिगेज अपने 5 दिवसीय भारत दौरे पर, ऊर्जा और व्यापार रहेगा मुख्य उद्देश्य
दूतावास की सफाई
विवाद बहुत ज्यादा बढ़ने पर पाकिस्तान के दूतावास ने 31 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना एक बयान जारी किया। उन्होंने जापान में रहने वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों से वहां के स्थानीय नियमों का पूरी तरह से पालन करने की अपील की। दूतावास ने यह भी कहा कि वे किसी भी ऐसे अवैध निर्माण या परियोजना से सीधे तौर पर बिल्कुल नहीं जुड़े हैं।
पाकिस्तानी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि राजदूत हमीद 3 अप्रैल 2026 को हुए कार्यक्रम में क्यों गए थे। आयोजकों ने राजदूत को यह झूठा भरोसा दिलाया था कि उन्हें जापानी कानून के अनुसार सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं। इसी गलत जानकारी के आधार पर राजदूत ने इस विवादित मस्जिद के उद्घाटन का निमंत्रण स्वीकार किया था।
