

Venezuela President Delcy Rodriguez India Visit News: भारत दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि डेल्सी रोड्रिगेज 3 जून 2026 को भारत पहुंचेंगी। उनका यह महत्वपूर्ण दौरा 3 से 7 जून तक चलने वाला है जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ मिलेंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी। दोनों देशों के आपसी संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत बनाने के लिए इस कूटनीतिक यात्रा को बहुत अहम माना जा रहा है।
इस खास दौरे में 56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज के साथ उनके देश के कई बड़े और प्रमुख मंत्री भी मुख्य रूप से शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार विदेश, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचार-सूचना और परिवहन विभाग के मंत्री खास तौर पर उनके साथ भारत आ रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए ऊर्जा और व्यापार के नए रास्तों को खोलने की बड़ी उम्मीद है। भारत में सबसे सस्ते तेल की फिर से एंट्री को लेकर भी इस दौरे पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।
डेल्सी रोड्रिगेज श्रम कानून की एक बहुत ही ज्यादा अनुभवी वकील रह चुकी हैं और उन्हें निकोलस मादुरो का बेहद करीबी माना जाता था। इन सबके बावजूद अमेरिका ने उन्हें वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर अपना पूरा समर्थन दिया है। उनका यह राजनीतिक सफर काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा है और अब वे देश की कमान संभाल रही हैं।
इस साल वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति में बहुत ज्यादा और भारी उथल-पुथल पूरी दुनिया को देखने को मिली है। अमेरिका ने इसी साल जनवरी में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को नार्को-आतंकवाद की गंभीर साजिश रचने के आरोप में हिरासत में ले लिया था। इसी बड़ी घटना के बाद से ही डेल्सी रोड्रिगेज ने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यभार संभाला था।
मादुरो को गिरफ्तार करने से पहले अमेरिकी जासूस कई महीनों तक उनकी हर एक छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी पूरी नजर रखे हुए थे। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में एक दिन सेना की एक छोटी टुकड़ी को वेनेजुएला में दाखिल होने का सीधा आदेश दिया था। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि अमेरिकी सेना ने महज दो घंटे 20 मिनट में ही इस पूरे ऑपरेशन को सफलता से अंजाम दिया था।
गिरफ्तारी के बाद अब निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सेलिया फ्लोरेस न्यूयॉर्क में पूरी तरह से अमेरिकी हिरासत में मौजूद हैं। दोनों नेताओं के खिलाफ इस समय न्यूयॉर्क शहर की एक अदालत में बहुत ही सख्त कानूनी मुकदमा लगातार चल रहा है। फिलहाल वे दोनों न्यूयॉर्क शहर के ब्रुकलिन में स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में कड़ी सुरक्षा के बीच बंद हैं।