रूस से भारत को मिले 40 ताकतवर Su 57 Fighter जेट; पाक के खिलाफ भारतीय सेना की तैयारी हुई मजबूत

Su 57 Fighter: रूस ने भारत को 40 स्टील्थ विमान देने का बड़ा ऑफर दिया है। पाक के J-35 जेट खरीदने और भारत के AMCA में 2035 तक की भारी देरी के बीच यह विमान वायुसेना की अहम रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा।
Su 57 Fighter: Russia offers India 40 stealth jets to counter Pakistan threat
रूस ने भारत को दिए 40 स्टील्थ विमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Su 57 Fighter India Defense Strategy: भारत की रक्षा रणनीति में एक बहुत बड़ा और अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान द्वारा चीनी पांचवीं पीढ़ी के J-35AE लड़ाकू विमान खरीदने की चर्चाओं ने भारत को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। इसी नाजुक मौके पर रूस ने भारत को सीमित संख्या में अपने सबसे आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान देने का प्रस्ताव दिया है। यह डील दोनों देशों के रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का काम आसानी से कर सकती है।

रूस लगातार भारत को यह भरोसा दिला रहा है कि यह आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमान वायुसेना की ताक़त को कई गुना बढ़ाएगा। भारत का स्वदेशी AMCA 2032-33 से पहले तैयार नहीं होगा और इसका मास प्रोडक्शन 2035 के बाद ही शुरू होगा। ऐसे में रूसी विमान भारत को एक बहुत ही मजबूत और जरूरी अंतरिम रक्षा क्षमता आसानी से प्रदान कर सकता है। इस अहम कदम से एशियाई क्षेत्र में एक नया और बड़ा सैन्य संतुलन स्थापित होने की पूरी उम्मीद है।

रूस का 40 विमानों का ऑफर

द वायर की एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक रूस भारत को लगभग 40 Su-57 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए मना रहा है। यह संख्या भारतीय वायुसेना के मोटे तौर पर दो स्क्वाड्रन के बराबर है जो काफी शक्तिशाली साबित होगी। दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भी इस पर बहुत गहन चर्चा हुई थी। रूस ने नासिक स्थित Su-30MKI फैक्ट्री में इन अत्याधुनिक विमानों का नया प्रोडक्शन लाइन बनाने का प्रस्ताव दिया है। रूस का दावा है कि वह फ्रांस और अमेरिका की तुलना में भारत को कहीं ज्यादा बेहतर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करेगा। इसमें ऑन-बोर्ड मिशन सिस्टम और सेंसर एकीकरण को नियंत्रित करने वाले संवेदनशील स्रोत कोड तक सीधी पहुंच शामिल है।

भारत के लिए दो इंजन वाला जेट

भारतीय वायुसेना हमेशा से अपनी सुरक्षा के लिए दो पायलट वाला आधुनिक और ताकतवर स्टील्थ जेट शामिल करना चाहती थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए रूस ने हाल ही में अपने दो इंजन वाले विमान का सफल फ्लाइट टेस्ट किया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह अहम परीक्षण खास तौर पर भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिए किया गया है।

रूसी Su-57 कार्यक्रम को इंजन विकास में देरी और अनिश्चित स्टील्थ विशेषताओं जैसी कई तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही जगुआर, मिराज, राफेल और तेजस जैसे कई अलग-अलग प्रकार के विमान मौजूद हैं। एक नए विमान को शामिल करने से वायुसेना का रखरखाव खर्च और लॉजिस्टिक चुनौतियां बहुत अधिक बढ़ जाएंगी।

देश की सुरक्षा सबसे ऊपर

विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों के लिए अलग-अलग पूर्जे और इकोसिस्टम होने से रक्षा बजट पर काफी भारी दबाव पड़ता है। लेकिन जब पाकिस्तान आर्थिक तंगी के बावजूद चीन से जे-35 खरीद रहा है तो भारत को भी हर कदम उठाना होगा। देश की सुरक्षा और वायुसेना की मजबूती के लिए भारत के पास पर्याप्त रक्षा बजट की बिल्कुल भी कमी नहीं होनी चाहिए।

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