आज से बदले इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पेमेंट के नियम, जानें क्या है 'बीमा-ASBA' जो करेगा आपकी जिंदगी आसान

IRDA ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को खाते में ‘ब्लॉक' राशि के जरिये समर्थित बीमा आवेदन की सुविधा प्रदान करने के लिए 'बीमा-ASBA' सुविधा को शुरू करने को कहा है।
जानें क्या है 'बीमा-ASBA'
हेल्थ इंश्योरेंस (सौ. सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : जहां एक तरफ भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को खाते में ‘ब्लॉक' राशि के जरिये समर्थित बीमा आवेदन की सुविधा प्रदान करने के लिए कहा है। इस नई सुविधा को 'बीमा-ASBA' नाम दिया गया है।

इस नई सुविधा के तहत पॉलिसी खरीदने वाला व्यक्ति बीमा प्रीमियम की राशि को अपने बैंक खाते में ब्लॉक कर सकता है। यह पैसा तभी काटा जाएगा जब बीमा पॉलिसी जारी की जाएगी। बीमा कंपनियों को आज यानी 1 मार्च से इस 'बीमा-ASBA' सुविधा को शुरू करने के लिए कहा गया है।

क्या है 'बीमा-ASBA'

जानकारी दें कि, जब आप और हम कोई व्यक्ति बीमा खरीदते हैं, तो उसे पहले प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। लेकिन अब इस नए बीमा-ASBA सुविधा के तहत, ग्राहक को पहले ही भुगतान नहीं करना होगा। इसके लिए कस्टमर्स के बैंक खाते से प्रीमियम की राशि रिजर्व (ब्लॉक) कर दी जाएगी और यदि बीमा कंपनी ग्राहक के आवेदन को स्वीकार कर ती है, तभी यह पैसा खाते से काटा जाएगा। अगर पॉलिसी अप्रूव नहीं होती है, तो पैसा खाते में सुरक्षित रहेगा और वह कटेगा भी नहीं। बिज़नेस की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें

इसके साफ मायने हुए कि,

  • अगर बीमा कंपनी आपका आवेदन रिजेक्ट कर ती है तो, तो रिजर्व (ब्लॉक) पैसा तुरंत अकाउंट में अनब्लॉक हो जाएगा।
  • यह पैसा तभी कटेगा जब आपको पॉलिसी मिल जाएगी।
  • यह खास सुविधा पहले व्यक्तिगत पॉलिसीधारकों (इंडिविजुअल पॉलिसी होल्डर्स) के लिए ही उपलब्ध होगी।

IPO की तरह करेगा काम

यह ठीक वैसे ही होगा जैसे शेयर बाजार में IPO के लिए आवेदन देते समय राशि ‘ब्लॉक' की जाती है। रकम तभी कटती है जब IPO का आवंटन होता है। IRDA के मानदंडों के अनुसार, बीमा कंपनी के ग्राहक को दिये गये प्रस्ताव की स्वीकृति के निर्णय के बारे में सूचित करने के बाद ही प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा। इस बाबत UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) वन टाइम मैंडेट (OTM) सुविधा उपयोगकर्ताओं को विशिष्ट लेनदेन के लिए अपने बैंक खातों में धनराशि को ‘ब्लॉक' करने की अनुमति देती है। इस व्यवस्था में वास्तविक भुगतान किये बिना धन की उपलब्धता सुनिश्चित होती है।

जानकारी दें कि, UPI-OTM सेवा कई मामलों में उपयोगी है। इसके तहत ग्राहक तत्काल डेबिट के बिना राशि को ‘ब्लॉक' को अधिकृत करना पसंद करते हैं। इससे लेनदेन की प्रक्रिया आसान हो जाती है।शेयर बाजार में एएसबीए या यूपीआई के माध्यम से राशि को ‘ब्लॉक' करने की सुविधा का उपयोग खुदरा निवेशक व्यापक रूप से करते हैं।

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