सिंगापुर और वियतनाम को टक्कर देगा भारत का Sea Food Export, ट्रेड डील का होगा असर
भारत और ब्रिटेन के बीच में होने वाली ट्रेड डील से भारत के समुद्री फूड एक्सपोर्टर्स को लाभ होने की संभावना है। साथ ही बताया जा रहा है कि इससे वियतनाम और सिंगापुर को भी कड़ी टक्कर मिलेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
भारत का समुद्री खाद्य निर्यात (सौ. सोशल मीडिया )
Indias Seafood Export: हाल ही में ब्रिटेन के साथ हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भारत को जबरदस्त फायदा होता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, ब्रिटेन के साथ हुई ट्रेड डील पर साइन करने के बाद, भारत के समुद्री खाने के एक्सपोर्टर ब्रिटेन के मार्केट में वियतनाम और सिंगापुर के साथ लगभग एक जैसी शर्तों पर कॉम्पीटिशन करने के लिए तैयार हैं।
इस एग्रीमेंट से पिछले टैरिफ के कारण होने वाले नुकसान भी खत्म हो जाएगे। मत्स्य पालन मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है। साथ ही कहा है कि यह समझौता भारतीय समुद्री उत्पादों को वियतनाम और सिंगापुर के प्रतिस्पर्धियों के बराबर लाता है, जो पहले से ही क्रमशः ब्रिटेन-वियतनाम मुक्त व्यापार समझौते यानी यूके-वीएफटीए और ब्रिटेन-सिंगापुर मुक्त व्यापार समझौते यानी यूके-एसएफटीए से लाभान्वित हैं।
पहले कई समस्याओं का करना पड़ता था सामना
मंत्रालय के अनुसार, इंडियन एक्सपोर्टर्स को पहले टैरिफ बाधाओं का सामना करना पड़ता था, जिससे उन्हें खासकर झींगा मछली और मूल्यवर्धित समुद्री खाद्य वस्तुओं सहित हाई प्राइस वाले प्रोडक्ट्स के लिए प्रतिस्पर्धात्मक रूप से नुकसान होता था।
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टैरिफ खत्म करने से क्या हुआ?
मंत्रालय ने आगे कहा कि इन टैरिफ को खत्म करने से इंडियन कंपनियों को देश की पर्याप्त प्रोडक्शन कैपेसिटी, कुशल वर्कफोर्स और एडवांस ट्रेसेबिलिटी सिस्टम का लाभ उठाने में मदद मिलेगी ताकि वे ब्रिटेन के समुद्री खाद्य बाजार में बड़ा हिस्सा हासिल कर सकें। ये ट्रेड डील इंडियन एक्सपोर्टर्स को ब्रिटेन के बाज़ार में विविधता लाकर अमेरिका और चीन जैसे पारंपरिक बाज़ारों पर अपनी निर्भरता कम करने का अवसर भी प्रदान करता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस ट्रेड डील के साथ, इंडस्ट्री का अनुमान है कि आने वाले सालों में ब्रिटेन को समुद्री एक्सपोर्ट में 70 परसेंट की बढ़त होगी। उद्योग विश्लेषकों ने कहा कि यह समझौता ऐसे उपयुक्त समय पर हुआ है जब वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं का पुनर्गठन किया जा रहा है और देश अपने आयात स्रोतों में विविधता लाने पर विचार कर रहे हैं।
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वर्ष 2024-25 में भारत का कुल समुद्री खाद्य निर्यात 60,523 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 17.8 लाख टन के बराबर है। हालांकि, ब्रिटेन के 5.4 अरब डॉलर के समुद्री खाद्य इंपोर्ट मार्केट में भारत की हिस्सेदारी महज 2.25 परसेंट है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
