
भारतीय रेलवे (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : भारत में ट्रेवलिंग के वैसे तो कई सारे माध्यम हैं लेकिन रेलवे इसमें सबसे ज्यादा चलने वाला और चर्चित माध्यम हैं। बढ़ती आबादी के चलते रिजर्वेशन डिब्बों में कंफर्म टिटक मिलना काफी मुश्किल हो जाता है। टिकट कंफर्म हो इसीलिए आपको समय से पहले ही बुकिंग करवाना होता है। अगर आपकी टिकट कंफर्म ना हो, तो आपको लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेन में आपको कई बार अलग-अलग कोटा के माध्यम से टिकट बुकिंग करवाने का मौका मिलता है। वेटिंग लिस्ट कंफर्म करवाने के लिए आपको एचओ कोटा भी मिलता है। इस एचओ कोटा के माध्यम से आपकी टिकट कंफर्म हो जाती है। हालांकि इस कोटा को पाने के लिए आपको कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। रेलवे का ये एचओ कोटा रेलवे अधिकारियों, वीआईपी और नौकरशाहों के लिए होता है, लेकिन कभी कभी आम नागरिक भी इस कोटे के तहत कंफर्म टिकट पा सकते हैं। ट्रेनों में सीनियर सिटीजन के साथ ही कई अन्य प्रकार के कोटे भी होते हैं। रेलवे के सीनियर ऑफिसर, स्पेशन पर्सनेलिटीज और नौकरशाहों के लिए भी एक कोटा होता है, जिसे एचओ कोटा के नाम से आरक्षित किया जाता है।
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देखा जाए तो ये कोटा खासकर वीआईपी लोगों या फिर रेलवे के सीनियर ऑफिसरों के लिए होता है लेकिन कई बार कुछ स्पेशल कंडीशन में आम जनता भी एचओ कोटा का फायदा लेकर अपनी टिकट कंफर्म करवा सकते हैं। इस कोटा का लाभ उठाने के लिए आपको एक विशेष शर्त को पूरा करना होगा, जिसमें आपको सफर करना है। यात्री के पास वो डॉक्यूमेंट्स होना जरूरी है, जिससे पता चल सके कि उसके लिए ये यात्रा करना काफी जरूरी है।
अगर कोई आम व्यक्ति एचओ कोटा का लाभ उठाना चाहता है, तो उसे यात्रा की तारीख से एक दिन पहले इमरजेंसी की स्थिति को साबित करना होगा और उस कंडीशन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक के पास आवेदन यानी इमरजेंसी कोटा देना होगा। इस आवेदन पर राजपत्रित अधिकारी की साइन होना भी जरूरी है। आवेदन मिलने के बाद इसकी जानकारी मंडल/ जोनल ऑफिस को भेजी जाती है और वहां से अप्रूवल मिलने पर टिकट कंफर्म हो जाती है।






