सिर्फ व्यापार नहीं, विश्वास की जीत! भारत-NZ व्यापार समझौते से वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी देश की साख
India-Newzealand FTA: एफटीए से भारतीय एक्सपोर्ट पर 100 प्रतिशत ड्यूटी खत्म हो जाएगी, साथ ही लंबे समय तक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए न्यूजीलैंड 20 अरब डॉलर निवेश करेगा।
- Written By: मनोज आर्या
पीयूष गोयल और टॉड मैक्ले, (सोर्स- IANS)
India-New Zealand Free Trade Agreement: अर्थशास्त्री और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन ने मंगलवार को कहा कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, क्योंकि इससे दोनों देशों को एक-दूसरे के बाजार में पहुंच मिलेगी और उन्हें हर क्षेत्र में फायदा होगा।
भारतीय सामानों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित करके, सर्विसेज और मोबिलिटी में मौके बढ़ाकर और खेती, इन्वेस्टमेंट और नए सेक्टर्स में सहयोग गहरा करके, यह समझौता अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है।
निवेशकों का बढ़ेगा भरोसा
जैन ने आईएएनएस से कहा कि स्वाभाविक रूप से जब भारत और न्यूजीलैंड जैसे दो देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करते हैं और एक-दूसरे को ज्यादा बाजार पहुंच प्रदान करते हैं। साथ ही दोनों देशों की लीडरशिप आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध होती है, तो निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। वह भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था के बारे में भी सकारात्मक महसूस करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
जन धन, आधार और UPI का कमाल, डिजिटल भुगतान में देश ने रचा इतिहास; 2 करोड़ से बढ़कर 24,162 करोड़ हुआ ट्रांजैक्शन
8वें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों की चमकेगी किस्मत! सरकार देने जा रही है बड़ा तोहफा, आया नया अपडेट
Vadilal Dispute: वाडीलाल परिवार में तीन दशक पुराने समझौते पर फिर विवाद, बॉम्बे हाई कोर्ट में केस
FSSAI Notice Biscuit: ईट फिट डाइजेस्टिव बिस्कुट कंपनी एसएजे फूड को 100% आटे के भ्रामक दावे पर नोटिस
एफटीए से भारतीय एक्सपोर्ट पर 100 प्रतिशत ड्यूटी खत्म हो जाएगी, साथ ही लंबे समय तक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए न्यूजीलैंड ने 15 सालों में 20 अरब डॉलर के निवेश का वादा भी किया है।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगी बाजार
इसके अलावा, सूरत के साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि जब फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन होता है, तो नए बाजार खुलते हैं और निर्यातकों को काफी फायदा होता है। उन्होने आगे कहा कि इंडिया-न्यूजीलैंड एफटीए के जरिए, भारत को न्यूजीलैंड के बाजार में टैरिफ-फ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को बहुत मदद मिलेगी।
उद्योगपति और साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स सूरत के पूर्व अध्यक्ष विजय मेवाला ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और यह देश के लिए एक ग्लोबल ट्रेड लीडर के तौर पर उभरने का एक बड़ा मौका है। उन्होंने कहा, “जब पड़ोसी देश संघर्षों का सामना कर रहे हैं, तो भारत के पास ग्लोबल ट्रेड में अपनी स्थिति मजबूत करने का एक अच्छा मौका है।
5 वर्षों में दोगुना होगा द्विपक्षीय व्यापार
पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. शिखा दरबारी ने आईएएनएस को बताया कि ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच 20 अरब डॉलर के दीर्घकालिक व्यापार समझौते का उद्देश्य अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है।
ये भी पढ़ें: चोरी की चोरी, ऊपर से सीनाजोरी! लंदन में पार्टी और भारत पर तंज, खून खौला देगा मोदी-माल्या का ये VIDEO
वैश्विक व्यापार में अग्रणी बनेगा भारत
उन्होंने कहा कि भारत अब तक एफटीए समझौतों के प्रति सतर्क था, लेकिन अब वह विकसित देशों के साथ संतुलित और सुरक्षित व्यापार समझौते कर रहा है। इससे भारत सरकार की बदली हुई व्यापार कूटनीति स्पष्ट हो रही है, जिसमें निवेशकों के हित को प्रमुखता दी जा रही है। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक व्यापार में अग्रणी बनाना है, और इसके लिए रणनीतिक समझौतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
