रसोई गैस को लेकर बड़ा फैसला, अब 14.2 किलो के सिलेंडर में मिलेगी सिर्फ 10 किलो गैस! कीमत पर भी आया बड़ा अपडेट
LPG Shortage: गैस किल्लत के चलते 14.2 किलो वाले सिलेंडर में अब 10 किलो गैस भरने की तैयारी है। ईरान युद्ध और घटते स्टॉक के कारण सप्लाई बनाए रखने के लिए तेल कंपनियां यह बड़ा बदलाव कर सकती हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
एलपीजी गैस सिलेंडर (सोर्स: सोशल मीडिया)
LPG Crisis: आने वाले समय में घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर में करीब 10 किलोग्राम गैस भरकर सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है। इसका मुख्य कारण ईरान से जुड़े युद्ध के चलते गैस सप्लाई में बाधा और देश में तेजी से घटता एलपीजी स्टॉक है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इस कदम के जरिए सीमित गैस को ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचाना चाहती हैं। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह एक जरूरी उपाय हो सकता है।
सिलेंडरों पर लगाए जाएंगे नए स्टिकर
अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जिनमें गैस की कम मात्रा की स्पष्ट जानकारी होगी। साथ ही, उपभोक्ताओं को कीमत में भी उसी अनुपात में राहत देने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी बदलाव और नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।
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सप्लाई की स्थिति पहले से ही दबाव में है। खाड़ी देशों से एलपीजी की नई खेप नहीं पहुंच पा रही है। हाल ही में सिर्फ दो जहाज करीब 92,700 टन गैस लेकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर पाए, जो देश की सिर्फ एक दिन की खपत के बराबर है। इसके अलावा, भारत के कई एलपीजी टैंकर पर्शियन गल्फ में फंसे हुए हैं, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं को दी जा रही नियमित सप्लाई
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई दी जा रही है, लेकिन गैस संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। देश में रोजाना लगभग 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसमें से करीब 86% घरेलू उपयोग में जाती है।
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गौरतलब है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का करीब 60% आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव और सप्लाई बाधित होने का सीधा असर देश की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ रहा है।
